अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी।
सौतेले पिता और चाचा पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाने वाली किशोरी ने ये सब चचेरी बहन के चिढ़ाने और सहपाठी छात्रा के कहने पर लगाए थे। सीडब्ल्यूसी ने काउंसिलिंग के बाद छात्रा को उसके दादा के साथ भेजा। वहीं, पुलिस ने भी पीड़िता की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया था, जिसे अब रद्द करने पर विचार किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि क्षेत्र के एक गांव में सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली नौंवी कक्षा की छात्रा ने शुक्रवार को प्रिंसिपल को शिकायत देकर सौतेले पिता और चाचा पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। जिसके बाद किशोरी को महिला थाने और सीडब्ल्यूसी के समक्ष ले जाया गया। किशोरी के 164 के बयान दर्ज करने के बाद उसकी काउंसिलिंग करवाई गई।
किशोरी ने बताया कि उसकी चचेरी बहन उसे चिढ़ाती है। इसलिए वह अपने पहले पिता के पास जाना चाहती थी। उसने यह बात अपनी एक सहपाठी को बताई तो उसने इस तरह शिकायत देने की सलाह दी। जिस पर उसने शिकायत की। केस दर्ज होने के चलते किशोरी को उसके माता-पिता के सुपुर्द करने की बजाए उसके दादा के सुपुर्द किया गया।
किशोरी ने काउंसलिंग में बताया कि उसने गलतफहमी में यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। किशोरी ने माता-पिता के साथ ही जाने की बात कही। चूंकि उसके पिता, चाचा और दादी पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया था, ऐसे में उसे उसके दादा को सौंपा गया है।
सुमन बजाड़, सदस्य, सीडब्ल्यूसी
पुलिस को महिला उत्पीड़न जैसे केसों में तुरंत कार्रवाई करनी होती है। इसी के तहत किशोरी की शिकायत पर केस दर्ज किया गया। अब किशोरी ने गलतफहमी में आरोप लगाने की बात कह रही है तो केस रद्द हो जाएगा।
वीरेंद्र सिंह, डीएसपी