रेप पीड़िता 13 वर्षीय किशोरी ने दिया बेटे को जन्म
- पीजीआईएमएस रोहतक में हुई डिलिवरी, परिजनों ने बच्चा रखने से किया इनकार
- सीडब्ल्यूसी के माध्यम पंचकूला शिशु गृह भेजा जाएगा बच्चा
- बुआ के घर फूफा ने किया था दुष्कर्म, डीएनए जांच के लिए भेजा गया सैंपल
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक/भिवानी। 13 वर्षीय रेप पीड़िता किशोरी ने दीपावली के दिन पीजीआईएमएस रोहतक में बेटे को जन्म दिया है। परिजनों ने बच्चे को साथ रखने से इनकार किया है, हालांकि बच्ची के परिजन उसके साथ पीजीआईएमएस में हैं। इसके बाद अब बच्चा शुक्रवार को सीडब्ल्यूसी के माध्यम पंचकूला शिशु गृह भेजा जाएगा। किशोरी के फूफा पर ही दुष्कर्म के आरोप लगे थे और वह फिलहाल जेल में है।
मामला सात अगस्त को उस समय उजागर हुआ, जब किशोरी की तबीयत बिगड़ी और उसे उपचार के लिए अस्पताल लाया गया। यहां चिकित्सकों ने किशोरी के गर्भवती होने की बात कही। इसके बाद पुलिस को किशोरी ने बताया कि वह अप्रैल में अपनी बुआ के घर तोशाम गई थी। वहां बुआ की ननद की शादी का कार्यक्रम था। वहीं पर उसके फूफा ने उसके साथ दुष्कर्म किया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। डर के कारण वह चुप रही। पुलिस ने किशोरी की शिकायत पर सात अगस्त को उसके फूफा के खिलाफ केस दर्ज किया था।
सुबह लाए अस्पताल, रिपोर्ट नहीं होने पर किया पीजीआईएमएस रेफर
दिवाली की सुबह करीब चार बजे गर्भवती किशोरी की तबीयत बिगड़ी और उसे परिजन उपचार के लिए सामान्य अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां चिकित्सक डॉ. दिव्या ने बच्ची की जांच की। मगर अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट व अन्य कागज नहीं होने के कारण किशोरी को पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया। यहां उसकी डिलिवरी हुई और उसने बेटे को जन्म दिया। इस बारे में महिला चिकित्सक डॉ. दिव्या ने बताया कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा 24 घंटे उपलब्ध नहीं है और गर्भवती के परिजनों के साथ उसकी अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट नहीं थी। उनके साथ मेडिकल कागजात भी नहीं थे, जिससे पता लग सके कि पेट में बच्चे की स्थिति क्या है। इस कारण पीजीआई रेफर किया गया।
आज परिजनों से मिलेगी सीडब्ल्यूसी
सूचना के बाद बाल कल्याण विभाग की टीम भी एक्टिव हो गई है। सीडब्ल्यूसी चेयरमैन सुभाष जिंदल और सदस्य सुमन बजाड़ ने बताया कि रेप पीड़ित किशोरी ने बेटे को जन्म दिया है। परिजन उसे बच्चे को नहीं रखना चाहते तो शुक्रवार को परिजनों से मुलाकात कर बच्चे को पंचकूला भिजवाया जाएगा।
इतनी कम उम्र में मां बनने का दूसरा मामला
13 वर्ष की किशोरी के मां बनने का भिवानी का यह दूसरा मामला है। इससे पहले एक सरकारी कन्या स्कूल की सातवीं कक्षा की छात्रा 2016 में मां बनी थी। जिसने सामान्य अस्पताल में बच्ची को जन्म दिया था।
डिलिवरी के बाद पीड़िता तकलीफ में
सूत्रों की मानें तो पीजीआईएमएस के डॉक्टरों ने बच्ची की नॉर्मल डिलिवरी करा दी है। लेकिन पीड़िता को अभी तकलीफ है। बच्चे को नर्सरी में रखा गया है। जच्चा-बच्चा की सुरक्षा के संस्थान की ओर से पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।