अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। गांव रानीला निवासी डेयरी संचालक का अपहरण कर उसे बंधक बनाकर मारपीट करने के मामला में पीड़ित के परिवारजनों ने पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किए जाने के आरोप लगे हैं। वहीं पीजीआई रोहतक से छुटटी मिलने के बाद अचानक तबियत बिगडने के बाद संचालक के परिजनों ने उसे फिर से अस्पताल में दाखिल करा दिया है।
जिला सामान्य अस्पताल में उपचाराधीन सतीश के छोटे भाई गोपाल ने बताया कि उसके भाई सतीश की सांजरवास में दूध की डेयरी है। गत 21 मार्च को उसका भाई सतीश सांजरवास से बाइक पर दूध डेयरी से घर लौट रहा थे। इसी दौरान सांजरवास बस स्टैंड पर एक बाइक से उसकी टक्कर हो गई। आरोपी युवकों ने उसके साथ मारपीट की। फिर उसका अपहरण कर रानीला स्थित एक होटल पर लेकर पहुंचे, जहां उसे बंधक बनाकर पीटा गया। आरोपी उसे गंभीर हालत में फैंककर फरार हो गए। उसके भाई की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचा। जहां घायल अवस्था में भाई को पहले जिला सामान्य अस्पताल और फिर रोहतक पीजीआई लेकर पहुुंचा। रोहतक पीजीआई में उसके भाई की चोंटों का इलाज चला। फिर उसे छुटटी देकर घर भेज दिया गया। उन्होंने बताया कि अधिक चोटों के कारण उसके भाई सतीश की 29 मार्च को अचानक फिर से तबियत बिगड़ गई। जिसे जिला सामान्य अस्पताल लाया गया। गोपाल का आरोप है कि इस मामले में पुलिस को शिकायत दिए जाने के बावजूद भी आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। उसका आरोप है कि पुलिस मामले को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्हें भी इस मामले में जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। आरोपियों की धमकी से उनका पूरा परिवार दहशत में हैं। मामले में पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।