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छात्रा ने 1091 नंबर पर कॉल की, 30 मिनट बाद पहुंची दुर्गा शक्ति

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भिवानी। एक ओर सुधार कार्यक्रम के प्रोजेक्ट डायरेक्टर दुर्गा शक्ति एप की जमीनी सच्चाई जानने गवर्नमेंट गर्ल्स कॉलेज पहुंचे। यहां उन्होंने एक छात्रा से 1091 नंबर पर कॉल करवाई। छात्रा ने कॉल करके कहा कि स्कूल के बाहर लड़का छेड़छाड़ कर रहा है। सूचना करीब 30 मिनट बाद दुर्गा शक्ति पहुंची। इतना ही नहीं पहुंचने के बाद नंबर पर कॉल बैक भी नहीं की। जिससे खफा रॉकी मित्तल ने फोन करवा महिला थाना प्रभारी नन्हीं देवी और शहर थाना प्रभारी बिक्रम सिंह को बुलाया। दोनों उक्त अधिकारियों ने प्रोजेक्ट डायरेक्टर को आश्वासन दिया कि दो दिन में व्यवस्थाओं में सुधार कर बेटियों को पूरी सुरक्षा दी जाएगी। प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने जब समस्याएं पूछी तो छात्राओं ने शिकायतों की झड़ी लगा दी। ज्यादातर शिकायतें आते-जाते वक्त रास्ते में छेड़छाड़ की रहीं। छात्राओं ने वहीं प्वाइंट भी बताएं जहां ज्यादा छेड़छाड़ होती है। जिस पर पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इन जगहों पर पर स्कूल समय में गश्त की जाएगी।
प्रदेश सरकार की ओर से बेटियों की सुरक्षा के लिए एक ओर सुधार कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसी कार्यक्रम के प्रोजेक्ट डायरेक्टर रॉकी मित्तल शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे गवर्नमेंट गर्ल्स स्कूल पहुंचे। यहां उन्होंने स्कूली छात्राओं से अलग-अलग बातचीत कर उनकी परेशानी जानी। पहले छात्राएं हिचकती रहीं। बाद में शिक्षकों के कहने पर अपनी समस्याएं रखी। इस दौरान छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ आवारा युवक स्कूली छात्राओं को अपनी बातों में फंसा रहे है। ऐसे में सावधान रहने की जरूरत है। छोटी कक्षाओं की छात्राओं को अच्छे बुरे की समझ नहीं होती। रॉकी मित्तल ने छेड़छाड़ के मामले कम ना होने पर लचीले कानून की दुहाई दी। उन्होंने खुद कहा कि जब पुलिस मनचलों को पकड़ती है, मारपीट करने पर पुलिस के खिलाफ ही मामले दर्ज करवा दिए जाते हैं। ऐसे में पुलिस भी लाचार हो जाती है। ।
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चॉकलेट के पैकेट में देते है मोबाइल, घरवाले स्कूल ना छुड़वा दे इसलिए रहती है चुप
छात्राओं ने बताया कि साइकिल, पैदल और ऑटो से आते-जाते युवक उनके साथ छेड़छाड़ करते है। इशारे करते है। ज्यादा छेड़छाड़ मुख्य मार्गों की बजाए गलियों में की जाती है। स्कूल के सामने ही एक गली है जो कृष्णा कॉलोनी से होकर गुजरती है। इसमें पार्क के पास ज्यादा छेड़छाड़ होती है। इसके अलावा भी अन्य मार्ग है। एक छात्रा ने बताया कि युवक कागजों पर फोन नंबर लिखकर उनकी तरफ फेंकते है। कुछ युवक तो अब चॉकलेट के पैकेट में मोबाइल रखकर उनको देकर भाग जाते है। फिर बातचीत का प्रयास करते है। छात्राओं ने बताया कि वे किसी को बताने से इसलिए डरती है कि कहीं बात उनके घरवालों तक पहुंची तो घरवाले कहीं उनकी पढ़ाई ना छुड़वा दें।
पिता करता है छेड़छाड़, बहनों से भी की छेड़छाड़, किसी ने नहीं की मदद
एक छात्रा ने अपनी शिकायत में बताया कि उसका पिता ही उसके साथ छेड़छाड़ करता है। वे तीन बहने है। उसकी दो बहनों के साथ भी छेड़छाड़ की। जब कार्रवाई की बात आई तो छात्रा ने कहा कि वह आज घर जाकर अपने पिता को इस बारे में साफ-साफ समझाएगी। फिर भी नहीं मानता है तो वे पुलिस कार्रवाई करवाएगी। इस बारे में रॉकी मित्तल ने कहा कि जिसका पिता ही बेटी से छेड़छाड़ करता हो तो कोई क्या कर सकता है। उक्त छात्रा की सुनवाई के दौरान सामने आया कि छात्रा ने पहले भी स्टाफ सदस्यों को इस बारे में बताया है मगर किसी ने मदद के लिए कोई कदम नहीं उठाया। इस दौरान स्कूल प्रिंसिपल किरण गिल ने कहा कि बच्ची ने आज ही उन्हें बताया है और वे बच्ची के घर जाकर परिजनों से इस बारे में बातचीत करेगी।
एक साल पहले हुई घोषणा, अब तक नहीं मिले एक करोड़
स्कूल प्रिंसिपल किरण गिल व स्टाफ सदस्यों ने बताया कि पिछले वर्ष गीता जयंती महोत्सव के दौरान शिक्षा मंत्री ने उनके स्कूल की बेहतर परफॉरमेंस पर एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की थी। जो आज तक नहीं मिले। इस बारे में नेताओं, अधिकारियों से भी मुलाकात की। जिस पर रॉकी मित्तल ने कहा कि वे फाइल उसे दें। वह प्रयास करेंगे।
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वर्जन::: बेटियों की सुरक्षा के लिए यह कैंपेन शुरू किया है। यहां दुर्गा शक्ति सूचना देने के आधे घंटे बाद पहुंची है। छात्राओं ने छेड़छाड़ की शिकायतें रखी है। जिस पर दोनों थाना प्रभारियों को हिदायत दी है। एक छात्रा ने अपने पिता पर ही छेड़छाड़ के आरोप लगाए है मगर छात्रा अभी लिखित शिकायत नहीं दे रही। फिर भी प्रयास किया जाएगा कि कैसे ना कैसे उसकी मदद की जाए।
रॉकी मित्तल, प्रोजेक्ट डायरेक्टर
एक ओर सुधार कार्यक्रम
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