अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। ट्रेन की चपेट में आने से बीती रात को एक युवक की संदिग्ध मौत हो गई। सूचना मिलने पर जीआरपी मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। सूचना मिलने पर मृतक के परिजन भी सिविल अस्पताल पहुंचे और युवक की हत्या करने की आशंका जताई। सोमवार को जीआरपी ने परिजनों के बयान पर फिलहाल इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई करते हुए शव का चिकित्सकों के बोर्ड से पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की सभी दृष्टिकोण से जांच की जाएगी और लैब से रिपोर्ट आने के बाद उसके अनुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार रविवार रात को जीआरपी को सूचना मिली कि हालुवास फाटक के पास ट्रेन की चपेट में आने से युवक की मौत हो गई है। सूचना मिलने पर जीआरपी से एएसआई सुशील कुमार मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। जांच करने पर मृतक की पहचान ईशांत उर्फ ईशू पुत्र सतनाम के रूप में हुई। सूचना मिलने पर मृतक के परिजन मौके पर पहुंचे। मृतक के परिजनों ने युवक की हत्या करने के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने रात को शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। पुलिस ने सोमवार सुबह परिजनों बयान पर 174 की कार्रवाई करते हुए शव का बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया गया। शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद जीआरपी ने परिजनों को सौंप दिया।
शाम साढ़े सात बजे घर से निकाला था ईशांत
बताया जा रहा है कि ईशांत रविवार को साढ़े सात बजे घर से निकला था। उस समय वह बिल्कुल ठीक था। घर पर भी किसी के साथ उसका कोई झगड़ा नहीं हुआ। बताया जा रहा है कि आधे घंटे बाद ही वह हालुवास फाटक के पास मृत मिला। वह इतना जल्दी वहां पर कैसे पहुंचा इसको लेकर परिजन हत्या करने का शक जाहिर कर रहे हैं।
मृतक का पिता है बैंक में रिकॉर्ड स्टोर कीपर
हालुवास निवासी सतनाम सिंह बैंक में रिकॉर्ड स्टोर कीपर का काम करते हैं। उसके दो लड़की और दो लड़के हैं। ईशांत दूसरे नंबर का था और 10वीं के बाद पढ़ाई छोड़ चुका था। घर पर किसी भी प्रकार से कोई लड़ाई-झगड़ा भी नहीं था। अचानक हुए हादसे में परिवार को तोड़कर रख दिया। परिजनों को समझ नहीं आ रहा कि आखिर कौन है जो उसे रेलवे फाटक पर ले गया और ट्रेन के सामने फेंक दिया। वहीं मामले की जांच कर रहे एएसआई सुशील कुमार ने बताया कि परिजनों ने पहले हत्या का आरोप लगाया था। बाद में उनके बयान पर इत्तफाकिया कार्रवाई कर शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया है।
बढ़ रहे संदिग्ध हत्या और आत्महत्या के मामले, उठ रहे सवाल
जिले में ट्रेन हादसों के केस ज्यादा आ रहे हैं जिनमें परिजन हत्या करने के आरोप लगा रहे हैं। हाल ही में दो केस ऐसे आए हैं जिनमें युवक का शव रेलवे ट्रैक पर मिला है। मृतक अपने दोस्तों के साथ घर से आए थे लेकिन घर नहीं पहुंचे। घर पहुंचा था तो उनका शव। परिजनों का सवाल था कि आखिर उनका बेटा ही क्यों ट्रेन की चपेट में आया और कैसे बच गए। परिजनों के इन सवालों जवाब लेने के लिए जीआरपी थानों के चक्कर लगा रहे हैं।
केस-वन
सुई स्टेशन के पास छह जून को सुई निवासी बिजेंद्र पुत्र जगदीश का शव ट्रैक पर मिला था। बिजेंद्र अपने दोस्तों के साथ घर से निकला था। जीआरपी ने युवकों से पूछताछ की तो उनका कहना था कि उन्होंने वहां पर बैठकर शराब पी थी, वह वहीं रह गया था और वे चले गए। उसके बाद वह ट्रेन की चपेट में आ गया। मामले में परिजनों का आरोप था कि उसके दोस्तों ने ही शराब पिलाकर मारा है। जीआरपी ने मामले में हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। मामले में अभी तक जीआरपी किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
केस-टू
गांव पालुवास हाल नजदीक सब्जीमंडी निवासी ट्रैक्टर एजेंसी संचालक रमेश के बेटे 12वीं में पढ़ने वाला राकेश डेढ़ महीने पहले अपने दो दोस्तों के साथ घर से गया था। उसके बाद उसका शव रेलवे ट्रैक पर मिला था। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया था। जीआरपी पुलिस ने शिकायत पर हर्ष और राहुल के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। मामले में जीआरपी हिसार थाना प्रभारी स्नेहराज ने बताया कि अब दोनों युवकों का पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए मंजूरी ली है। पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए तारीख अभी नहीं मिली है। मामले में पुलिस गहनता से जांच कर रही है।