अमर उजाला ब्यूूरो
चांग। गुरुग्राम प्राइवेट कंपनी में काम करने वाला बिहार निवासी युवक ईनाम के चक्कर में खरक चौकी पहुंच गया। युवक ने गांव खरक से लापता तुषार नामक युवक के इश्तेहार को देखकर उनके घर फोन करके यह कह दिया कि तुषार उसके पास है। युवक ने सोचा की सूचना देने पर अच्छा खासा ईनाम परिजनों की तरफ से मिल जाएगा। तुषार के परिजनों ने इसकी सूचना खरक पुलिस चौकी में कर दी। खरक पुलिस चौकी ने मोबाइल नंबर ट्रेस करते हुए उसे गुरुग्राम से काबू कर लिया और तुषार के बारे में पूछताछ शुरू कर दी। कड़ी पूछताछ के बाद युवक ने बताया कि उसने यह सब ईनाम के चक्कर में किया है, तुषार का उसको कुछ नहीं पता है।
यह है मामला
गांव खरक निवासी राकेश फौजी ने बताया कि गांव खरक से तुषार नामक युवक शिवरात्रि के दिन घर से लापता हो गया था, जिसकी तलाश परिजनों से अपने रिश्तेदारी व आस पड़ोस के गांव में की, लेकिन तुषार का कहीं पता नहीं चला। परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट खरक पुलिस चौकी में दर्ज करवा दी और तुषार की तलाश बारे विभिन्न जिलों में इश्तहार लगवा दिए।
युवक बना पुलिस के लिए सिरदर्द
गुरुग्राम से काबू किया गया युवक बिहार का निवासी है और वह बिहारी भाषा बोल रहा है। खरक पुलिस चौकी में पूछताछ करना भी मुश्किल हो रहा है, क्योंकि युवक को हिंदी और हरियाणवी भाषा समझ नहीं आ रही है। पुलिस को अब बिहार से इसके परिजनों को बुलाकर उनके सुपुर्द करना होगा, क्योंकि तुषार के बारे में कोई जानकारी इस युवक से नहीं मिली है।
वर्जन
गांव खरक से लापता तुषार के परिजनों ने उसकी तलाश के लिए विभिन्न जिलों में इश्तहार लगाए हुए हैं। बिहार निवासी युवक ने दिल्ली में इश्तहार देखकर तुषार के परिजनों को ईनाम के चक्कर में कह दिया था कि तुषार का मुझे पता है। तुषार का अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है।
-प्रदीप सिंह, जांच अधिकारी खरक पुलिस चौकी।