अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। जिले के एक थाना क्षेत्र के एक गांव से संदिग्ध परिस्थितियों में एक अप्रैल की दोपहर लापता हुए चचेरे भाई-बहन के शव मंगलवार देर शाम गांव की बणी में बने पीर बाबा की मढ़ी के पास फंदे से लटके मिले। दोनों के एक ही चुन्नी से लटके मिले, जो कि मढ़ी की घंटी से बंधी थी। पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई कर शव परिजनों को सौंप दिए।
मंगलवार रात करीब आठ बजे जिले के एक गांव की बणी में पीर बाबा की मढ़ी की घंटी से एक युवक और युवती के शव फंदे पर लटके मिले। सरपंच वजीर ने पुलिस को सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी वीरेंद्र सिंह व पुलिस थाना प्रभारी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों के शवों को फंदे से उतारने से पहले भिवानी और रोहतक से एसएफएल टीम भी जांच के लिए बुलाई। जिसकी निगरानी में शवों को फंदे से नीचे उतार जिला सामान्य अस्पताल पहुंचाया। दोनों मृतकों की पहचान चचेरे भाई-बहन के रूप में हुई। जो कि एक अप्रैल की दोपहर से लापता थे। बुधवार सुबह दोनों के शवों का पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया। मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा है।
युवती के लापता होने का दर्ज कराया था केस
परिजनों ने एक अप्रैल को युवती के लापता होने की सूचना पुलिस दी थी। जिसमें बताया था कि 18 वर्षीय उसकी बेटी घर से ही लापता हो गई है। पुलिस ने गुमशुदगी का केस दर्ज कर लिया था।
सूचना मिलते ही पुलिस को बुलाया
सरपंच वजीर ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि गांव की बणी में स्थित मंढ़ी (मंदिर) में एक लड़का और लड़की फांसी लगाए हैं। जब जाकर देखा तो शव गांव के 25 वर्षीय लड़के और 18 वर्षीय लड़की के थे। वहीं मृतक युवती जिसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट एक अप्रैल को दर्ज करवाई गई थी। सरपंच ने बताया कि दोनों एक ही परिवार और आपस में चचेरे भाई-बहन लगते थे।
सरपंच की सूचना पर वो मौके पर पहुंचे और मृतक युवक और युवती के पिता के बयान पर कार्रवाई की है। दोनों एक ही परिवार से हैं। दोनों एक अप्रैल को लापता थे और शर्म के चलते उन्होंने यह कदम उठा लिया। ऑनर किलिंग की संभावनाएं नजर नहीं आई हैं।
मनीराम, एसआई, जांच अधिकारी