आठ जुलाई 2017 की शाम बड़ेसरा गांव में चुनावी रंजिश में पूर्व सरपंच के परिवार पर हमला कर उसके भाई की हत्या व पांच अन्य को गंभीर रूप से घायल करने के बाद फरार हुए बलजीत और उसके दो लडक़ों प्रमोद और पवन को हिसार स्पेशल टास्क फोर्स ने राजस्थान के जोधपुर से गिरफ्तार किया है। इन पर पांच हजार रुपये इनाम था।
मामला चुनावी रंजिश को लेकर था। बड़ेसरा गांव में आठ जुलाई 2017 की शाम खेत से लौट रहे पूर्व सरपंच पवन कुमार के परिवार के बुजुर्ग सूबे सिंह, भल्लेराम, हुकम सिंह, माल्हाराम, महेंद्र, बलजीत पर 30-35 लोगों ने तेजधार हथियार से हमला कर दिया था। जिन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। जहां चिकित्सक ने बलजीत को मृत घोषित कर दिया था। तेजधार हथियारों के अलावा गोली चलाने का भी आरोप था। पुलिस ने शिकायत पर 54 लोगों के खिलाफ हत्या, हत्या प्रयास समेत विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। मृतक बलजीत के लडक़े विकास की शिकायत पर केस दर्ज हुआ था। जिसमें बताया गया था कि चुनावी रंजिश के चलते हमला किया गया। रंजिश ये थी कि चुनाव में बबलू की पत्नी सुदेश सरपंच बनी। पूर्व सरपंच पवन कुमार के परिवार के सदस्यों ने उनके सर्टिफिकेट पर सवाल उठाए। जांच हुई थी तो सर्टिफिकेट फर्जी पाए गए। जिस पर सरपंच, सरपंच पति व दो शिक्षकों को जेल हुई। करीब दो महीने की जेल हुई थी। इसके बाद से दोनों परिवारों में रंजिश थी। इसी रंजिश में आठ जुलाई की शाम को पूर्व सरपंच पवन कुमार के परिवार पर हमला किया गया। जिसमें बलजीत की मौत हुई।
इस मामले में आरोपी बलवान व उसके बेटे प्रमोद और पवन कुमार फरार चल रहे थे। डीआईजी सतीश बालन के निर्देश में हिसार स्पेशल टॉस्क फोर्स के निरीक्षक प्रदीप कुमार यादव के नेतृत्व में चलाए मोस्ट वांटेड और इनामी बदमाशों को पकडने के अभियान के तहत टीम ने राजस्थान के जोधपुर में छापेमारी कर तीनों को गिरफ्तार किया। इन पर पांच-पांच हजार रुपये इनाम था। टीम में इंचार्ज निरीक्षक प्रदीप कुमार के अलावा एएसआई संदीप सिंह, हेड कांस्टेबल नवीन, सिपाही अजय और अजय कुमार शामिल रहे।