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उजाला योजना के तहत हजारों बल्ब बेच कंपनी के कारिंदे फुर्र

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अमर उजाला ब्यूरो
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भिवानी। उजाला योजना के तहत भिवानी में ईईएसएल कंपनी की ओर से हजारों एलईडी बल्ब 70 रुपये प्रति बल्ब के हिसाब से बेचे गए थे। बेचे गए बल्ब तीन साल के अंदर खराब होने पर बदले जाने की वारंटी दी गई थी। ज्यादातर बल्ब एक महीने में ही खराब होने लगे तो इन्हें बदलवाने के लिए लोगों की लाइनें लगने लगी। बल्ब खराब होने की ज्यादा शिकायतों के चलते कंपनी के कारिंदे फुर्र हो गए। अब लोग तोशाम रोड पर स्थित बिजली निगम कार्यालय पर बल्ब बदलवाने के लिए आते हैं, मगर कोई नहीं मिलने के कारण चक्कर काटकर चले जाते हैं। सरकार ने सस्ते एलईडी बल्ब लोगों को दिए तो बिजली बचाने के लिए थे, लेकिन लोगों के लिए जी का जंजाल बन गए।
उर्जा दक्षता सेवा लिमिटेड कंपनी को सौंपा था कार्यभार
उजाला योजना को प्रधानमंत्री ने 1 मई 2015 को शुरू किया था। योजना के तहत लोगों को सस्ते एलईडी बल्ब उपलब्ध करवाए थे जिसका जिम्मा उर्जा दक्षता सेवा लिमिटेड(ईईएसएल) को सौंपा गया था। कपंनी ने बल्ब जिले में बेचे मगर, जब खराब बल्ब बदलने का समय आया तो चलते बने जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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खरीदने कम, बदलवाने आते हैं ज्यादा
बिजली निगम के एक कर्मचारी ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि कंपनी के जो कारिंदे बल्ब बेचने निगम में आते थे, वो कहने लगे कि लोग अब बल्ब खरीदने कम आते हैं और बदलवाने ज्यादा। वे अब ज्यादा दिन यहां बल्ब नहीं बेच सकते। उसने बताया कि करीब दो महीने हो गए कंपनी के कारिंदों के निगम कार्यालय में आए हुए। उसने बताया कि चक्कर काट-काटकर थक चुके लोग उनके पास ही खराब बल्ब रखकर चले जाते हैं और कहते हैं कि जब कंपनी वाली आए तो बदलवा देना।
उजाला योजना को कोसने लगे लोग
भारत सरकार द्वारा बिजली की बचत के चलते सबको सस्ते एलईडी बल्ब मिले उसके लिए उजाला योजना चलाई थी। इसके तहते एक एलईडी बल्ब 70 रुपये का दिया जा रहा था। अब ना तो लोगों को बल्ब मिल रहे हैं, और ना ही खराब बल्ब बदले जा रहे हैं जिससे उजाला योजना को लोगों ने कोसना शुरू कर दिया।
चार महीने पहले लिया था बल्ब, दो महीने में हो गया खराब : रामस्वरूप
रामनगर में रहने वाले रामस्वरूप ने बताया कि वह चार महीने पहले निगम कार्यालय में से एलईडी बल्ब लेकर गया था जो दो महीने में ही खराब हो गए। बल्ब खरीदते समय तीन साल की वारंटी की बात कही गई थी, लेकिन कोई बिल नहीं दिया गया। खराब बल्ब को बदलवाने के लिए तीन-चार चक्कर लगा चुका लेकिन यहां कोई नहीं मिलता।

बिल भी नहीं दिया, अगर कहीं शिकायत करें तो : अमित
हलवास गेट निवासी अमित ने बताया कि उसने तोशाम रोड स्थित बिजली निगम कार्यालय से बल्ब लिया था जो खराब हो गया। बल्ब को बदलवाने के लिए वे निगम कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। उन्हें बल्ब का कोई बिल नहीं दिया। अब वे शिकायत करें तो कहां करें। सरकार ने योजना तो अच्छी चलाई लेकिन, कंपनी अब बल्ब नहीं बदल रही।

कब बदले जाएंगे बल्ब नहीं मिल रही जानकारी : जतिन मखीजा
जैन चौक निवासी जतिन मखीजा ने बताया कि वह कई दिन से निगम कार्यालय के चक्कर इस लिए काट रहा है कि यहां से उसने एलईडी बल्ब लिए थे। ये बल्ब कुछ महीने बाद खराब होने शुरू हो गए। इसके चलते वह बल्ब बदलवाने के लिए निगम कार्यालय आता है तो कोई यह बताने वाला नहीं कि बल्ब बदलने के लिए यहां कोई कब मिलेगा। जब भी आते हैं तो जहां से बल्ब खरीदे थे वहां ताला लटका मिलता है।

बल्ब खरीदने आया था, ताला लटका मिला : प्रमोद
गुजरानी निवासी प्रमोद ने बताया कि उसे बताया गया था सरकार द्वारा एलईडी बल्ब बेचने वाली कंपनी तोशाम रोड स्थित बिजली निगम कार्यालय पर बल्ब बेच रही है। इसके बाद वह यहां से बल्ब लेने के लिए आया था। जब यहां आया तो कोई नहीं मिला। उसने बताया कि यहां नहीं मिल रहे तो बाहर से ही महंगे दामों पर बल्ब लेने पड़ेंगे।
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जुलाई के पहले सप्ताह तक आ जाएगा स्टॉक : एसएस सांगवान
बल्ब नहीं बदलने और कंपनी कारिंदों के निगम में नहीं आने को लेकर जब बिजली निगम एसई एसएस सांगवान से बात की उन्होंने बताया कि उसकी ईईएसएल कंपनी अधिकारी से बात हुई है। उन्होंने पीछे से स्टॉक नहीं आने की बात कही है। स्टॉक जुलाई के पहले सप्ताह तक आने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि मामले को गंभीरता से देखते हुए कंपनी के आला अधिकारियों को भी लेटर भेजकर स्थिति से अवगत करवाया जाएगा।
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