भिवानी। घरेलू कलह में देवसर गांव के एक व्यक्ति ने घर में ही फंदा लगा लिया। परिजन शव को उतारकर अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे तो किसी ने पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल लाया। मृतक के ससुराल पक्ष और पत्नी ने पुलिस को शिकायत देकर मृतक की मां और भाई पर झगड़ा कर आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप लगाए। पुलिस ने आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया तो विवाद हुआ। देवसर गांव से आए ग्रामीणों ने अस्पताल परिसर में रोष जताते हुए शव लेने से इंकार करने की बात कही। साथ ही रोड जाम की भी चेतावनी दी। सदर सदर ने उचित जांच का आश्वासन देकर ग्रामीणों को शांत किया।
शनिवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे गांव देवसर निवासी करीब 36 वर्षीय परमिंद्र का शव घर में ही फंदे पर लटका मिला। शव को फंदे से उतार कर परिजन अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे तो किसी ने इसकी सूचना पुलिस को दी। जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल लाया गया। इसी बीच जाटू लुहारी गांव से मृतक के ससुराल पक्ष के लोग भी पहुंचे और परिजनों पर आत्म हत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया। जिससे माहौल तनावपूर्ण हुआ।पत्नी सोनिका की शिकायत पर मृतक की माता ऊषा और भाई कुलदीप पर झगड़ा करने और आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया। केस दर्ज करने की बात जब देवसर गांव के ग्रामीणों को लगी तो वे बिफर गए और अस्पताल परिसर में एकजुट होकर चेतावनी दी कि वे शव को नहीं लेंगे और घंटाघर चौक पर रोड जाम करेंगे। जिसके बाद एसएचओ सदर इंस्पेक्टर राकेश कुमार ग्रामीणों के बीच पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाया कि अभी केस दर्ज किया गया है और जांच के दौरान जो दोषी होगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी। जिस पर ग्रामीण माने और शव ले जाने को तैयार हुए।
रात को ही ससुराल आया था मृतक
मृतक परमिंद्र शुक्रवार को अपनी पत्नी सोनिका और बच्चे को लेने अपनी ससुराल जाटू लुहारी गया हुआ था। मृतक की पत्नी सोनिका ने बताया कि उसकी शादी पांच-छह साल पहले हुई थी। दो बच्चे है। एक लड़की करीब साढ़े तीन वर्ष और एक लड़का करीब ढाई वर्ष का है। बेटी अपनी दादी के पास रहती है। उसका पति परमिन्द्र बीटीएम मील में काम करता था और वे दो साल से ससुराल वालों से अलग रह रहे हैं। सोनिका ने बताया कि परमिंद्र ससुराल से शुक्रवार को देवसर लौटा था। परमिन्द्र व उसकी मां ऊषा के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। जिससे परेशान होकर पति ने फंदा लगाया।
मां बोली, झूठे है आरोप
केस दर्ज होने के बाद ग्रामीणों ने की मां ऊषा को भी अस्पताल बुलाया। उषा देवी ने बताया कि उसका बेटा और बहु अलग रहते है। वह अपने छोटे बेटे कुलदीप के साथ अलग मकान में रहती है। देर रात को परमिंद्र अपनी ससुराल से आया था। सुबह जाटू लुहारी में उसकी ससुराल से ही उसके पास फोन आया कि परमिंद्र ने फंदा लगा लिया है। अब उसका बेटा भी गया और उसी पर केस दर्ज करवा दिया। उसका छोटा बेटा चंडीगढ़ है और उस पर केस दर्ज करवा दिया। ग्रामीण संजय परमार ने कहा कि झूठा केस है और जांच सही नहीं हुई तो वे कड़े कदम उठाने को मजबूर होंगे।
मां संभालती है मृतक की बेटी
मृतक के साढ़े तीन साल की एक लड़की है जो शुरूआत से ही अपनी दादी के पास रहती है। दादी ने ही अब स्कूल में उसका दाखिल करवाया है। कुलदीप दिव्यांग है और वो ही परमिंद्र की बेटी का ही पालन पोषण कर रहे है।
व्यक्ति का शव फंदे पर लटका मिला है। मृतक की पत्नी ने मृतक की मां और भाई पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप लगाए। शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है। ग्रामीणों को समझाया है कि मामले की पूरी जांच की जाएगी। जो दोषी होगा, उसी पर कार्रवाई की जाएगी।
राकेश कुमार, एसएचओ