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दो जगह सांड़ों का उत्पात, दो को किया घायल

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भिवानी। तोशाम बाईपास दिनोद गांव के मोड़ पर शुक्रवार सुबह एक सांड ने उत्पात मचाया। एक बुजुर्ग को टक्कर मारी जो नहर में जा गिरा। युवाओं ने बुजुर्ग को बाहर निकाला। वहीं एक बिजली के खंभे को टक्कर मारने से तार टूटकर नहर में गिर गया। जिससे नहर में करंट आया। वहां नहा रहे एक बच्चे को करंट भी लगा। गनीमत रही कि उसे बचा लिया गया। इसके अलावा बिजली के तार टूटने के दौरान निकली चिंगारी से वहां खेत में की झाड़ियों में आग लग गई। दमकल विभाग के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। सांड़ यहां करीब पांच घंटे तक लोगों के लिए परेशानी बना रहा। इसी तरह कृष्णा कॉलोनी सब्जी मंडी में भी एक सांड़ ने खूब उत्पात मचाया। लोग नगर परिषद और पशुपालन विभाग के अधिकारियों के पास फोन घनघनाते रहे मगर कोई नहीं पहुंचा।
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तोशाम बाइपास दिनोद रोड पर सुबह आठ बजे से दोपहर एक बजे तक एक सांड ने खूब उत्पात मचाया। बाद में खेतों में दौड़ गया। पहले एक अन्य सांड को टक्कर मारकर नहर में गिरा दिया। इसी दौरान एक बिजली के खंबे को टक्कर मारी। जिससे बिजली का तार टूट गया। जिससे नहर में करंट आ गया। वहां नहा रहे एक बच्चे को भी करंट लगा। सूचना पर पहुंचे गोसेवकों ने बच्चे को पानी से बाहर निकाला। गनीमत रही कि उसे समय रहते पानी से निकाल लिया गया। वहां से गुजर रहे एक बुजुर्ग को भी सांड ने टक्कर मारी। जिससे वह बुजुर्ग नहर में गिर गया। वहां युवकों ने उसे बाहर निकाला। इसके बाद भी सांड काफी समय तक लोगों को टक्कर मारने के लिए पीछे दौड़ता रहा।
कृष्णा कॉलोनी में भी सांड ने मचाया उत्पात
कृष्णा कॉलोनी की सब्जीमंडी में भी एक सांड ने उत्पात मचाया। वह हर किसी को मारने के लिए पीछे दौड़ रहा था और लोग बचने के लिए इधर-उधर दौड़ रहे थे। बाद में कुछ दूकानदारों ने एकत्रित होकर किसी तरह सांड को कॉलोनी की ओर खदेड़ा। रेहड़ी दुकानदार वेदप्रकाश, संजय कुमार, ईश्वर, रामनिवास, शिशु लाल, मांझे ने बताया कि मंडी में भीड़ रहती है और यहां एक सांड ने काफी उत्पात मचाया। यह सांड हर किसी को मारने दौड़ रहा है।
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खूब किए फोन, मदद को नहीं आया कोई
गोरक्षा दल के सदस्य कुकी परमार, रविंद्र, पालू, सोनू आदि ने बताया कि सुबह करीब आठ बजे उन्हें सूचना मिली थी कि सांड़ उत्पात मचा रहा है। जिसके बाद वे बाईपास पर पहुंचे। यहां सांड़ की टक्कर से बिजली के खंभे से तार टूटकर नहर में गिर गया। जिसे नहर के पानी में करंट आया। नगर परिषद अधिकारियों को फोन किया तो जवाब मिला कि वे क्या करें, सांड़ पागल है तो पशुओं का डाक्टर इलाज करेगा। पशुपालन विभाग के डाक्टरों के पास फोन करते है तो कहते हैं कि नगर परिषद में फोन करें। वो पकड़ दे तो हम इलाज कर सकते हैं। दोनों विभाग के अधिकारी एक दूसरे पर टालते रहे।
नियमानुसार ये बनता है कि पहले सांड़ को इंजेक्शन लगाकर बेहोश किया जाए और फिर इलाज के लिए ले जाया जाए। अगर पशुपालन विभाग को नगर परिषद के किसी सहयोग की जरूरत है तो वे सहयोग करने को तैयार है़।
अपूर्व चौधरी, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद
हम तो इलाज के लिए डॉक्टर भेज सकते हैं, सांड़ को काबू तो नगर परिषद कर्मचारियों को ही करना होगा। सांड़ों को बेहोश करने के लिए इंजेक्शन गन चाहिए जो नगर परिषद व्यवस्था करें।
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डॉ. जय सिंह, डिप्टी डायरेक्टर, पशु पालन विभाग
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