भिवानी। फाइनेंस पर जब्त किए गए ट्रैक्टरों की खरीद फरोख्त करने और फर्जी कागजात दिखाकर ट्रैक्टर बेचने के नाम पर साढ़े छह लाख रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। आरोपियों द्वारा पैसे वापस मांगने पर पुलिस व राजनीतिक पहुंच की धौंस दिखाने के भी आरोप लगे हैं। मामला तोशाम पुलिस थाने में दर्ज हुआ है।
पुलिस को दी शिकायत में गांव ढाबढाणी निवासी रामअवतार ने बताया कि राजस्थान के पीपली गांव निवासी राजकुमार और ओमपाल फाइनेंस पर जब्त किए गए ट्रैक्टरों की खरीद फरोख्त का काम करते हैं। उसके एक रिश्तेदार को पहले भी एक ट्रैक्टर दिलाया है। अब दोबारा नया ट्रैक्टर लेने की बात हुई तो आरोपी उसके घर ढाबढाणी आए और तीन नए ट्रैक्टर उनके पास होने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जो भी ट्रैक्टर पसंद हो उसे खरीद कर लेना। इस पर एक लाख रुपये उसी समय नकद एडवांस भी दे दिया। इसके बाद 24 अगस्त 2017 को रामअवतार के भाई राकेश जो वायु सेना में नौकरी करता है और बाढमेर में है। उसने ओमपाल द्वारा उपलब्ध करवाए गए खाता में दो लाख रुपये आरटीजीएस से ट्रांसफर कर दिए। जब ट्रैक्टर देने की बात हुई तो आरोपियों ने कहा कि पूरी पेमेंट होने से पहले वे उन्हें ट्रैक्टर नहीं दे सकते। इसके बाद अपने एक रिश्तेदार शेरपुरा निवासी प्रदीप कुमार के बैंक खाता से साढ़े तीन लाख रुपये आरटीजीएस के जरिये ट्रांसफर कराए गए। इसके बाद आरोपियों ने कहा कि तीन दिन के अंदर ट्रैक्टर उन्हें मिल जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी फाइनेंस किए गए ट्रैक्टर जब्त कर बेचते हैं। इसके बाद जब ट्रैक्टर देने के लिए बोला गया तो फिर कागजों में कुछ तकनीकी बाधा आने की बात कहकर टाल दिया। जल्द ही ट्रैक्टर देने का भरोसा दिलाया। इसके बाद काफी समय निकल गया और आरोपी उन्हें झूठा आश्वासन देते रहे। मगर जब उनसे पैसे वापस देने के लिए कहा तो ओमपाल ने कहा कि वह पुलिस में अधिकारी है। उसकी राजनीतिक पहुंचे हैं उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। इसके बाद पैसे वापस मांगने पर उन्हें जान से मारने की धमकी भी मिली। इस मामले की शिकायत पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक को दी। एसपी के निर्देश पर तोशाम पुलिस थाने में दोनों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ।