भिवानी। 2010 में फरार होने के बाद अपने चार साथियों और एक साथी के पिता की हत्या करने वाला इनामी बदमाश विनोद मित्ताथल अब अपने एक और साथी प्रवीण की हत्या की भी तैयारी में था। प्रवीण को इसकी भनक लग गई और वह भाग आया। यह खुलासा पुलिस पूछताछ में खुद प्रवीण ने किया है। पुलिस दोनों बदमाशों विनोद और प्रवीण को रिमांड पर लेकर पूछताछ में जुटी है। पुलिस ने विनोद की निशानदेही पर बुधवार को कुसुंभी जोहड़ से लूटी गई क्रेटा गाड़ी की नंबर प्लेट भी बरामद की।
उल्लेखनीय है कि पुलिस ने 20 मई को इनामी बदमाश विनोद मित्ताथल को राजस्थान के चुरु जिले के गांव दुलरासर से गिरफ्तार किया था। वह वहां झोपड़ी में रह रहा था। पुलिस ने भिवानी से उसके एक साथी मालवास देवसर वासी प्रवीण को भी गिरफ्तार किया। पुलिस दोनों को रिमांड पर लेकर पूछताछ में जुटी है।
जांच में सामने आया कि विनोद मित्ताथलिया अब अपने साथी प्रवीण की भी हत्या करने का प्लान बना रहा था। उसे अंदेशा हो गया था कि प्रवीण के माध्यम से पुलिस उस तक पहुंच सकती है। शक का कारण संडवा गांव में 14 जून को जले मिले एक शव के मामले में पुलिस द्वारा प्रवीण से पूछताछ किया जाना था। अंदेशा जताया जा रहा है कि 14 जून को मिला शव मालवास देवसर वासी अनिल का है। अनिल 12 जून को घर से लापता हुआ था। अनिल के परिजनों के अनुसार पुलिस ने गांव के ही एक दो युवकों से पूछताछ की। जिनमें विनोद मित्ताथल का साथी प्रवीण भी शामिल है। अब तक की जांच में सामने आया कि प्रवीण से पुलिस ने 14 मई को पूछताछ कर छोड़ दिया था। 15 मई को विनोद मित्ताथल गांव में आकर उसे वापस अपने साथ राजस्थान ले गया। वहां से वह भाग आया। भागकर आने कारण यहीं बताया जा रहा है कि वह जान बचाकर वहां से भागा और अब विनोद मित्ताथल उसकी हत्या की तैयारी में था। विनोद को शक हो गया था कि पुलिस ने पूछताछ में प्रवीण से उसके बारे में सुराग जुटा लिए है।
भिवानी में थे तीन ठिकाने
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि भिवानी में उसने तीन मुख्य ठिकाने बना रखे थे। इनमें उसके साथी प्रवीण का मालवास देवसर गांव का घर, खरक के पास और एक हांसी रोड पर था। जहां अक्सर वह रूकता था। मालवास देवसर गांव में वह काफी रूका है।
जोहड़ से बरामद की क्रेटा गाड़ी की नंबर प्लेट
बदमाश विनोद ने पूछताछ के दौरान 12 वाहनों के लूट की वारदात भी कबूली है। विनोद ने बताया कि पिछली एक अप्रैल को उन्होंने बीरण-बापोड़ा रोड पर भूषण नामक फूल विक्रेता दुकानदार से क्रेटा गाड़ी छीनी थी। गाड़ी की नंबर प्लेट उन्होंने कुसुंभी गांव के जोहड़ में फेंक दी थी। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर राजस्थान से गाड़ी बरामद की और जोहड़ से नंबर प्लेट।
पुलिस कर्मचारियों में भी था अनहोनी का डर
2010 में जमानत पर आने के बाद फरार हुए विनोद मित्ताथल को पकडने के लिए पुलिस ने अनेक प्रयास किए। इस दौरान वह पुलिस के सामने भी आया मगर हर बार चकमा देकर भागने में कामयाब रहा। सूत्र बताते है कि मुठभेड़ में सामने आने वाले कुछ पुलिस कर्मचारियों को भी उसने धमकी दे रखी थी। इस कारण इन कर्मचारियों को भी अनहोनी का डर हमेशा रहता था। गिरफ्तारी के बाद इन पुलिस कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है।