अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। बहुचर्चित नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन रमेशा मस्ता हत्याकांड में सजा काट चुके एक युवक की संदिग्ध मौत मामले में सदर पुलिस ने आठ माह बाद हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। मृतक युवक के पोस्टमार्टम के बाद एफएसएल रिपोर्ट में सामने आया कि सल्फास खिलाने से उसकी मौत हुई थी।
मामला 30 जून का है। मूल रूप से गांव धनाना व हाल बैंक कॉलोनी निवासी फूलपति ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसका 33 वर्षीय बेटा भारत 29 जून को राजेश व एक अन्य के साथ गया था। 30 जून को उसके दोस्त राजेश व एक अन्य ने फोन पर उसकी तबीयत बिगड़ने की सूचना दी और जब वह प्राइवेट अस्पताल में पहुंची तो उसके बेटे की मौत हो चुकी थी। महिला ने बेटे भारत की हत्या के आरोप लगाए थे। लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
फूलपति ने बताया कि इस मामले में राजेश, उसका एक साथी और महिला भी शामिल है। क्योंकि ये दोनों युवक उसके बेटे को महिला के घर से लेकर आए और रात भर उसे फ्रेंडस कॉलोनी में रखा गया। उसके बेटे को सल्फास का जहर देकर मारा गया था। इसके बाद ये दोनों युवक ही उसे अस्पताल ले गए। उसका आरोप है कि दोनों युवकों व महिला ने उसके बेटे के कपड़े और जो उसके पास कागजात थे, वे भी नहीं दिए थे। फिर मामले में पुलिस अधीक्षक को भी शिकायत दी थी। पुलिस ने अब एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद उसके बेटे की हत्या का केस दर्ज किया है। जिसमें आरोपी केवल प्रेमनगर निवासी राजेश को ही बनाया गया है, जबकि उसके बेटे की मौत के पीछे एक अन्य युवक और एक महिला भी थी।
पूर्व चेयरमैन के हत्याकांड में भी सजा काट चुका
मृतक भारत बहुचर्चित रहे पूर्व चेयरमैन रमेश मस्ता हत्याकांड मामले में भी उम्रकैद की सजा काट चुका था। जेल के अंदर भारत के अच्छे आचरण को देखते हुए उसकी साढ़े चार साल की सजा माफ कर दी गई थी। जिसके बाद भारत 10 अप्रैल 2018 को भारत जेल से बाहर आ गया था।
युवक भारत की मौत मामले में प्रेमनगर वासी राजेश पर हत्या का केस दर्ज किया गया है। इस मामले की गहनता से जांच की जाएगी। मृतक भारत की एफएसएल रिपोर्ट का अवलोकन करते हुए इस सम्बंध में आगामी कदम उठाए जाएंगे और इस मामले की तहकीकात को आगे बढ़ाया जाएगा।
अनिल कुमार, एसएचओ, शहर थाना