अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। निजी स्कूल में नौंवी कक्षा के छात्र द्वारा शिक्षक पर हमले की प्लानिंग 15 दिन पहले ही बनाई गई थी। आरोपी छात्र का उसके दो सहपाठियों ने भी उसका सहयोग किया। आरोपी छात्र ने पिछले सप्ताह भी शिक्षक पर हमले का प्रयास किया था लेकिन कामयाबी नहीं मिली। फिलहाल स्कूल मैनेजमेंट बच्चे को स्कूल से बाहर करने पर विचार कर रही है।
उल्लेखनीय शहर के एक निजी स्कूल में शनिवार को नौंवी कक्षा के एक छात्र ने कक्षा में ही शिक्षक मुकेश पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया था। दो वार किए गए। जिससे शिक्षक के कान के पास और गर्दन पर चोट आईं और उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा। इस मामले पर स्कूल प्रबंधकन, शिक्षक के परिजनों, छात्र के परिजनों की स्कूल में ही बैठक हुई। स्कूल मैनेजमेंट से बातचीत के बाद घायल शिक्षक ने किसी भी तरह की पुलिस कार्रवाई करवाने से इंकार कर दिया था।
इसी मामले में जांच में सामने आया कि 15 दिन से तीन छात्र शिक्षक पर हमले की प्लानिंग बना रहे थे। एक फरवरी को पांच-छह बच्चों को दूसरे बच्चों का टिफिन से खाना नहीं खाने के बारे में टोका गया था। इसी से खफा तीन बच्चे प्लानिंग बना रहे थे। अपने स्तर पर रुपये एकत्रित कर पहले एक तेजधार हथियार खरीदा। पिछले सप्ताह उससे हमले की प्लानिंग बनाई मगर कामयाबी नहीं मिली। जिसके बाद कुल्हाड़ी की व्यवस्था की गई और शनिवार को हमले की वारदात को अंजाम दिया गया।
सबके सामने टोकना गलत: परमार
स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रदेशाध्यक्ष बृजपाल परमार ने बताया कि स्कूल प्रबंधक ने टिफन से खाना खाने वाले पांच-छह बच्चों को सबके सामने टोका। यह गलत है। इनको अकेले में बुलाकर समझाया जाना चाहिए था। सबके सामने टोके जाने के कारण ही बच्चों के मन में गलत विचार आए। अब इस मामले में शिक्षक को दबाने की बजाए आरोपी छात्र पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करनी चाहिए ताकि वह भविष्य में ऐसा ना करें और अन्य बच्चे भी उससे सबक लें।