फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राजस्थान में साध्वी सहित तीन नामजद सहित अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला है दर्ज

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
भिवानी। पूर्वावाला हनुमान मंदिर की साध्वी माया सरस्वती को राजस्थान की पुलिस ने शनिवार को थाना सदर शहर में दर्ज 11 लाख 22 हजार रुपये का गबन करने के केस में गिरफ्तार किया है। महंत साध्वी माया के खिलाफ छह मार्च 2018 को कोर्ट के आदेश के बाद केस दर्ज हुआ था। कोर्ट में मंदिर के ट्रस्टी डा. कृष्णचंद्र काजल ने इस्तगासा डाली थी। पुलिस अब अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी कर रही है।
जानकारी के अनुसार स्वामी सेवानंद जन कल्याण ट्रस्ट के प्रधान ट्रस्टी डा. कृष्णचंद्र काजल ने कोर्ट में इस्तगासा डाली थी कि पूर्वावाला हनुमान मंदिर की महंत और सेवानंद जन कल्याण ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी सेवानंद की मृत्यु 30 दिसंबर 2017 को हुई थी। ट्रस्ट के माध्यम से स्वामी सेवानंद ने सरदार शहर के रोही उड़सर भेभरा में जमीन लेकर वहां पर बीएड कॉलेज बनाया था। डा. काजल ने इस्तगासा में आरोप लगाया है कि सेवानंद की मौत के बाद मंदिर की महंत माया सरस्वती को बनाया गया था। जिसने स्वामी सेवानंद के फर्जी हस्ताक्षर करके सरदार शहर में बनाये स्वामी सेवानंद शिक्षण-प्रशिक्षण महाविद्यालय में अपने भाई रोहताश, राजस्थान के ही सुनील और अन्य के साथ मिलकर 11 लाख 22 हजार रुपये का गबन किया है। वह फर्जी तरीके से ट्रस्ट की मैनेजिंग ट्रस्टी बनकर ट्रस्ट की जमीन का हड़पना चाहती है। उसने अन्य ट्रस्टी के साथ मिलकर सरदार शहर थाने में बीती 15 फरवरी को शिकायत दी थी। जिस पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया। इसके बाद उसने कोर्ट में इस्तगासा डाली थी। कोर्ट ने मामले में सुनवाई करते हुए पुलिस को केस दर्ज करने के आदेश दिये थे। इसके बाद छह मार्च को सरदार शहर थाना पुलिस ने तीन नामजद सहित अन्य के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। मामले में राजस्थान पुलिस शनिवार को भिवानी के हुडा पार्क के पास स्थित पूर्वावाला हनुमान मंदिर में पहुंची और साध्वी माया सरस्वती को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई। बताया जा रहा है मामले में अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पूर्वावाला हनुमान मंदिर की साध्वी माया सरस्वती की गाड़ी के चालक अजय ने बताया कि साध्वी को डा. कृष्णचंद्र कॉजल ने झूठे कागजात तैयार कर फंसा रहा है। साध्वी ने किसी भी प्रकार का गबन नहीं किया। मैनेजिंग ट्रस्टी स्वामी सेवानंद ने डा. काजल को ट्रस्ट से निकाल दिया था। अब वे ट्रस्ट की जमीन को हड़पना चाहते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें