भिवानी। लगातार दूसरे दिन परीक्षार्थी फोटो स्टेट और फॉर्म अटेस्ट कराने के लिए दौड़ लगाते रहे। सामान्य अस्पताल की इमरजेंसी में ही तीन सौ परीक्षार्थियों के फॉर्म अटेस्ट हुए। वहीं कलर प्रिंटआउट परीक्षार्थियों के लिए परेशानी बना रहा। इसके अलावा महिलाओं के लिए कान की बालियां, चूड़ियां और नाक के कोके निकालना मुसीबत भरा रहा। दोनों शिफ्टों में करीब 12400 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। इसके अलावा 1200 परीक्षार्थी गैर हाजिर रहे।
सुबह के सत्र में लेवल दो यानी टीजीटी की परीक्षा हुई। परीक्षार्थी धुंध और ठंड से परेशान रहे। काफी परीक्षार्थी एक दिन पहले ही यहां आकर होटल, रेस्टोरेंट और धर्मशालाओं में ठहरे थे तो अधिकतर निजी वाहनों से परीक्षा केंद्र पहुंचे। सुबह की परीक्षा 10 बजे शुरू हुई। इसके लिए प्रवेश 7:50 पर शुरू किया गया। नियमानुसार नौ बजे तक प्रवेश दिया जाना था। मगर परीक्षार्थियों की परेशानी को देखते हुए सवा नौ बजे तक भी प्रवेश दिया गया।
अधिकतर परीक्षार्थी कलर प्रिंटआउट निकलवाकर नहीं लाए थे तो काफी के फोटो अटेस्ट नहीं थे। ऐसे में परीक्षार्थियों को सामान्य अस्पताल की इमरजेंसी की ओर दौड़ लगानी पड़ी। जहां इमरजेंसी ड्यूटी दे रहे चिकित्सकों ने फॉर्म सत्यापित किए। वैश्य मॉडल में ड्यूटी दे रहे एक शिक्षक ने फॉर्म अटेस्ट किए। परीक्षार्थियों को तीन जगह जांच के बाद ही परीक्षा केंद्र तक जाने दिया गया। परीक्षार्थियों की वीडियोग्राफी हुई वहीं बायोमिट्रिक हाजिरी लगी। परीक्षा केंद्र में प्रवेश के बाद परीक्षार्थी सीसीटीवी कैमरे की नजर में रहे।
सिर्फ मंगलसूत्र पहनने की अनुमति
परीक्षा के दौरान महिलाओं को सिर्फ मंगलसूत्र ही पहनने की अनुमति थी। ऐसे में महिला परीक्षार्थियों की चूड़ियां, कानों की बालियां, नाकों के कोके, अंगूठी के अलावा बालों की क्लिप, हाथों पर बंधे धागे तक उतरवा लिए गए।
डीसी, एसपी, चेयरमैन ने किया परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण
डीसी डॉ. अंशज सिंह, एसपी गंगाराम पूनिया, बोर्ड चेयरमैन डॉ. जगबीर सिंह ने केएम स्कूल, गवर्नमेंट कॉलेज, वैश्य मॉडल स्कूल, हलवासिया स्कूल आदि परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने व्यवस्थाओं को भी जांचा। इस दौरान पुलिस भी अलर्ट नजर आई।
फोन-बैग रखने को भी बना दिया बिजनेस
परीक्षार्थी अपने साथ बैग, फोन लेकर आए थे। जिन्हें परीक्षा केंद्र में अनुमति नहीं थी। आदर्श कॉलेज के बाहर कुछ लोगों ने इसका भी फायदा उठाया और बैग, मोबाइल रखवाने की सेवा के बदले 20-20 रुपये वसूले।
पुत्रवधू ने दी परीक्षा, बुजुर्ग संभालते रहे बच्चे
एचटेट में अधिकतर महिला परीक्षार्थी थी। ऐसे में महिलाएं पेपर दे रही थीं और उनके परिजन बाहर बच्चे खिला रहे थे। कुछ छोटे बच्चों को उनकी दादी खिला रही थीं। एक बुजुर्ग महिला ने बताया कि उसकी पुत्रवधू का पेपर है और बच्चा छोटा है तो वह संभाल रही हैं।
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आईटीआई स्टूडेंट को लगा करंट
परीक्षा केंद्र में जैमर लगाने का कार्य करते समय एक युवक को करंट का झटका लगा और वह नीचे आ गिरा। युवक का हालचाल जानने के लिए तहसीलदार भी पहुंचे। जिला सामान्य अस्पताल में उपचाराधीन गांव अजीतपुर निवासी कुलदीप ने बताया कि वह रावलधी सरकारी आईटीआई में इलेक्ट्रोनिक्स द्वितीय वर्ष का छात्र है। उसी के गांव का एक युवक उसे एचटेट के दौरान ठेके पर काम करने के लिए लाया था। जब वह हांसी रोड स्थित राजीव गांधी राजकीय महाविद्यालय में परीक्षा शुरू होने से पहले 10 बजे मोबाइल जैमर लगा रहा था तो रात को हुई बारिश के कारण अचानक दीवार में करंट दौड़ गया।