भिवानी। कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि नीरव मोदी, ललित मोदी और विजय माल्या जैसे सारे बड़े चोर देश के बाहर हैं। ये देश का पैसा लेकर बाहर आराम से घूम रहे हैं। इन्हें हमारी सरकार जेल के अंदर नहीं कर पा रही है। जबकि अपनी जरूरतों के लिए 20-20 हजार के लोन नहीं चुका पाने वाले किसानों को पुलिस जेल में डाल देती है। 2019 के बाद किसी भी किसान को कर्ज न चुका पाने के कारण जेल में नहीं डाला जाएगा। राहुल गांधी सोमवार को भिवानी के किरोड़ीमल पार्क में कांग्रेस प्रत्याशी श्रुति चौधरी के समर्थन में आयोजित चुनावी जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
राहुल गांधी ने नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि मोदी सेना को अपनी पर्सनल प्रॉपर्टी समझते हैं। मोदी ने अपने हर भाषण में सेना के नाम का इस्तेमाल किया है। जबकि मैंने आज तक अपने किसी भी भाषण में सेना के नाम का दुरुपयोग नहीं किया है। मैं मर जाऊंगा लेकिन सेना के नाम पर राजनीति नहीं करूंगा। उन्होंने कहा कि सेना का खून बहता है तो लोगों का खून बहता है। मोदी जी देश की जनता से माफी मांगे और कहें गलती हुई सेना मेरी नहीं है, देश की है, लेकिन मोदी में इतना दम नहीं है। राहुल ने आगे कहा कि मोदी विकास के नाम पर वोट नहीं मांग सकते, बेरोजगारी हटाने के नाम पर वोट नहीं मांग सकते क्योंकि उन्होंने केवल वादे किए थे, जो सिर्फ जुमले साबित हुए। उन्होंने दो करोड़ लोगों को रोजगार देने की बात कही थी, लेकिन रोजगार नहीं मिला। राहुल ने कहा कि कांग्रेस की सरकार आने पर हरियाणा में 22 लाख सरकारी नौकरियां भरी जाएंगी।
मन की बात सुनाने नहीं, आपका आदेश सुनने आया हूं
राहुल गांधी ने चुटकी लेते हुए कहा कि मैं आपको अपने मन की बात सुनाने नहीं आया हूं। मैं तो आपका आदेश सुनने आया हूं। मोदी ने देश की जनता के साथ अन्याय किया है। पर अब न्याय होगा। न्याय योजना का पैसा सीधे आपके खाते में होगा। न्याय योजना से गरीबों की मदद होगी पर नीरव मोदी और माल्या जैसे चोरों की मदद नहीं होगी।
मोदी के 15 लाख झूठ, कांग्रेस के 72 हजार सच
राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले लोकसभा चुनाव में देश की जनता के बैंक खातों में 15-15 लाख रुपये डालने की बात कही थी। वे पैसे तो नहीं आए। राहुल ने कहा कि मैंने पार्टी के सबसे बड़े अर्थशास्त्री से बात की तो उन्होंने कहा कि 15-15 लाख रुपये लोगों के खाते में जा ही नहीं सकते। अगर डाल दिए गए तो पूरे देश की अर्थव्यवस्था नष्ट हो जाएगी। यह भी मोदी का एक जुमला निकला। लेकिन न्याय योजना सच की कसौटी पर खरी उतरेगी। लोगों के खाते में 72 हजार रुपये सालाना भेजे जाएंगे। यानी पांच साल में तीन लाख साठ हजार और यह बिलकुल सच है।