अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। सदर थाना क्षेत्र के गांव में नाबालिग को जान से मारने की धमकी देकर उसके साथ दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। रेप पीड़िता ने डर के मारे बीती रात को जहरीला पदार्थ निगल लिया जिसके चलते परिजनों ने उसके पीजीआई रोहतक में भर्ती करवाया। पता चलने पर थाना सदर पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़िता के बयान दर्ज किए। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर गांव के लड़के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार थाना सदर क्षेत्र के एक गांव वासी किशोरी ने थाना सदर पुलिस को दी शिकायत में बताया कि गांव का लड़का कई दिन से उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर कर रहा था। जब उसने मना किया तो उसने मुझे जान से मारने की धमकी दी और उसे रविवार रात को अपने घर पर आने के लिए कहा। पीड़िता ने शिकायत में बताया है कि वह अपने चाचा की लड़की को साथ लेकर आरोपी के घर गई तो आरोपी मुझे अपने साथ छत पर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी ने मुझे किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता अपने घर पहुंची और किसी को नहीं बताया। उसके बाद पीड़िता ने डर के मारे सोमवार देर रात को घर पर जहरीला पदार्थ निगल लिया। पीड़िता की तबीयत बिगड़ने लगी तो परिजनों ने उसे पीजीआई रोहतक भर्ती करवाया। पूछताछ करने पर उसने बताया कि गांव के लड़के ने उसके साथ दुष्कर्म किया है। सूचना मिलने पर थाना सदर पुलिस पीजीआई रोहतक पहुंची और पीड़िता के बयान दर्ज किए।
वर्जन
पीजीआई में भर्ती पीड़िता के बयान दर्ज कर आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है। आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी चल रही है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
-विरेंद्र सिंह श्योराण, डीएसपी, भिवानी।
एक साल पहले भी एक छात्रा ने किया था सुसाइड
थाना सदर क्षेत्र के एक गांव में करीब डेढ़ साल पहले अध्यापक व छात्रा की बातचीत का अश्लील ऑडियो वायरल हुआ था। ऑडियो में एक अन्य छात्रा का नाम भी लिया गया। जब उक्त छात्रा को इसके बारे में पता लगा तो वह मानसिक तनाव में आ गई और उसने घर में ही फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। जांच करने पर मामले में कई नाम सामने आए थे। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
छेड़छाड़ मामले में पीड़िता ने लगाई हाई कोर्ट में गुहार
सिवानी क्षेत्र के एक गांव में नाबालिग लड़की के घर में घुसकर उसके साथ अपहरण का प्रयास व छेड़छाड़ मामले में कार्रवाई नहीं होने पर पीड़िता ने हाईकोर्ट में न्याय के लिए गुहार लगाई है। पीड़िता का आरोप है कि शिकायत देने के एक माह बाद भी पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है। इसके चलते आरोपी उनपर समझौते का दबाव बना रहे हैं। मामले में हाई कोर्ट में एसपी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल परमार की अगुवाई में पीड़ित परिवार गत 25 जून को पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर आरोपियों की गिरफ्तारी की भी मांग कर चुका था। पीड़ित पक्ष में खड़े बृजपाल ने बताया कि तीन नामजद सहित चार युवकों के खिलाफ नाबालिग लड़की के अपहरण प्रयास और उसके साथ छेड़छाड़ किए जाने के मामले में आरोपियों को गिरफ्तारी की मांग उठाई गई थी।
लेकिन एसपी के निर्देशों के बाद भी महिला पुलिस ने कुछ नहीं किया। उन्होंने बताया कि पोक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया हुआ है। इस मामले में महिला पुलिस थाना के डीएसपी जांच कर रहे थे, लेकिन एसपी के निर्देश के बाद मामले की जांच जिला मुख्यालय डीएसपी को सौंप दी गई। उन्होंने बताया कि अब पीड़ित परिवार द्वारा केस वापस लिए जाने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था। उनके संगठन ने मामले में तत्परता दिखाई और हाई कोर्ट में न्याय की गुहार लगाई। न्यायालय ने एसपी को कारण बताओ नोटिस जारी कर अब तक मामले में पुलिस की तहकीकात कहां तक पहुंची, यह भी जवाब तलब किया गया है। नोटिस का जवाब आगामी 4 सितंबर 2018 तक दिया जाना है।