इस सड़े हुए गेहूं को जानवर भी नहीं खा सकते, आप खाकर दिखा दो तो शिकायत नहीं करेंगे
-खराब गेहूं जांचने पहुंचे फूड सप्लाई अधिकारी से उपभोक्ता बोले
-उपभोक्ताओं के सवाल पर मौन हुए अधिकारी, सैंपल भरवाकर सख्त कार्रवाई का दिया आश्वासन
अमर उजाला ब्यूरो
बहल। डिपो में आए खराब गेहूं को लेकर मचा बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। बृहस्पतिवार को शिकायत की जांच करने आए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों से उपभोक्ताओं ने कहा कि गेेेहूं इस कदर सड़ा है कि जानवर भी नहीं खा सकते। साहब! आप एक बार इसे खाकर दिखा दो फिर हम कोई शिकायत नहीं करेंगे। उपभोक्ताओं के सवाल पर अधिकारी मौन हो गए। नायब तहसीलदार और खाद्य निरीक्षक सत्यवान की मौजूदगी में सैंपल लिए गए और उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
बृहस्पतिवार को बड़ी संख्या में उपभोक्ता डिपो पर पहुंचे और जमकर हंगामा किया। उपभोक्ताओं ने जांच के लिए चांग सेंटर से इंस्पेक्टर विजेंद्र, एएफएसओ सतबीर, निरीक्षक सत्यवान को खूब खरी-खोटी सुनाई और उच्च अधिकारियों से शिकायत की बात कही। हंगामा बढ़ता देख नायब तहसीलदार जगदीश चंद्र मौके पर पहुंचे। उन्होंने उपभोक्ताओं से हकीकत सुनकर मौके पर खराब गेहूं के सैंपल भरवाए। विभाग के प्रमुख विश्लेषक रामफल ने सैंपल की चार पैकिंग बनाकर दो पैकिंग विभाग के लिए तथा दो पैकिंग उपभोक्ता मनीष पुत्र सज्जन को सौंप दी। बाद में खराब गेहूं को बदलने के लिए उसे डिपो से उठवाया गया। उपभोक्ता रामभगत सैनी, डॉ. दयानंद जावला, महेंद्र, नरेश अग्रवाल, राजेश अग्रवाल सहित अन्य लोगों ने कहा कि मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए कि अगर विभाग गेहूं गोदाम से जांच कर भेजता है तो क्या रास्ते में बदली जाती है। उपभोक्ताओं की शिकायत पर खाद्य आपूर्ति समिति सदस्य रामकुमार सुधीवासिया, पूर्व कांग्रेस प्रधान सतबीर सिरसी सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे।
घर पहुंचे गेहूं का क्या होगा...
उपभोक्ताओं को जब खाद्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि वे जितना भी गेहूं खराब है, उसे बदलवाकर सही गेहूं भिजवा देंगे। इस पर उपभोक्ताओं ने कहा कि फरवरी में करीब 215 क्विंटल गेहूं आया था जिसमें से करीब 115 क्विंटल गेहूं उपभोक्ताओं में वितरित किया जा चुका है। अब केवल 100 क्विंटल ही शेष है। जो बांटा गया है, उसे भी बदलवाओ। इस पर अधिकारियों ने कहा कि वे सार्वजनिक मुनादी करवा देंगे कि जिसको भी खराब गेहूं मिला है, वो डिपो में आकर अपना गेहूं बदलवा लें।