अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी।
वैश्य मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल की मैनेजमेंट ने करीब 150 शिक्षक व नॉन टीचिंग स्टाफ को दोबारा लिखित परीक्षा देने और साक्षात्कार में शामिल होने की बात कही तो वे स्टाफ सदस्य भड़क गए। सभी ने बुधवार सुबह स्कूल गेट को बंद कर गेट पर ही धरना दे दिया। स्कूली बच्चों को स्कूल में एंट्री नहीं करने दी। जिस कारण सड़क पर हंगामे की स्थिति रही। बच्चे और स्टाफ सदस्य सड़क पर होने के कारण जाम लग गया। धरना रात तक चलता रहा। शिक्षकों ने शहर में प्रदर्शन किया और उपायुक्त को ज्ञापन भी सौंपा। वहीं वैश्य मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल के महासचिव पवन बुवानीवाला ने कहा कि किसी भी स्टाफ सदस्य को नहीं हटाया गया है। सभी कार्य करें। मगर बाद में शिक्षक लिखित आश्वासन की मांग पर अड़ गए।
वैश्य मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल मैनेजमेंट ने स्कूल में कार्यरत सभी अनुबंधित शिक्षकों और नान टीचिंग स्टाफ को जून में होने वाली लिखित परीक्षा और साक्षात्कार में शामिल होने के निर्देश दिए है। इस पर स्टाफ सदस्य भड़क गए और सुबह करीब साढ़े छह बजे स्कूल गेट को बंद कर दिया। बच्चे आए तो उन्हें स्कूल में एंट्री नहीं करने दी। जिस पर हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई। सभी स्टाफ सदस्य स्कूल गेट पर ही धरने पर बैठ गए। धरना करीब 12 बजे तक चला। इसके बाद सभी शिक्षा डीसी कार्यालय पहुंचे और मांगों का ज्ञापन सौंपकर स्टाफ सदस्यों को सेवा मुक्त नहीं करने की मांग की। सेवा मुक्त किए जा रहे स्टाफ सदस्यों ने करीब 80 शिक्षक और बाकी नान टीचिंग स्टाफ के सदस्य हैं।
रिजल्ट बेहतर फिर भी नौकरी से हटा रहे है
शिक्षकों ने कहा कि वे 10-10 साल से यहां कार्यरत हैं। बेहतर परिणाम दिया है। बावजूद इसके प्रिंसिपल ने बुलाकर कहा कि विद्यालय में बने रहने के लिए दोबारा से लिखित परीक्षा और साक्षात्कार देना होगा। उनकी कक्षाओं का परिणाम बेहतर रहा है। सिर्फ ग्रेड वालों को रखा जा रहा है। जब तक उनकी मांग नहीं मानी जाती वे धरने पर ही रहेंगे।
बच्चे सड़क पर, जाम लगा तो करनी पड़ी छुट्टी
शिक्षकों के विरोध प्रदर्शन के कारण सभी कक्षाओं के बच्चे सड़क पर रहे। ऐसे में सड़क पर जाम की स्थिति लग गई। मुख्य मार्ग होने के कारण मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सड़क पर जाम और हंगामे की स्थिति को देखते हुए स्कूल मैनेजमेंट ने बच्चों की छुट्टी का निर्णय लिया और सभी बच्चों को घर भेज दिया।
अभिभावकों ने भी किया शिक्षकों का समर्थन
शिक्षकों के समर्थन में बच्चों के अभिभावक भी उतर आए। अभिभावक पंकज शर्मा, लक्ष्मीकांत, प्रताप ने बताया कि स्कूल में शिक्षक 10-10 सालों से जानते है। सभी बच्चे शिक्षकों को उनके नाम से जाते है और शिक्षक भी बच्चों को अच्छे से जानते है। किस कक्षा में कितना सलेबस हुआ है, सभी की जानकारी है। अब इन्हें अचानक हटाकर नया स्टाफ भर्ती किया जाएगा तो बच्चों की शिक्षा पर बुरा प्रभाव पड़ेगा।
प्रिंसिपल के बयान की वजह से गलतफहमी हो गई थी। किसी भी शिक्षक को नहीं हटाया गया है। सभी अपनी ड्यूटी ज्वाइन करें। स्टाफ की बदौलत ही स्कूल अब तक बेहतर परिणाम देते आया है। अब कुछ लोग शिक्षकों के बीच राजनीति कर रहे है। वह गलत है। वह चाहते है कि स्टाफ ड्यूटी ज्वाइन करें और पहले की तरह काम करे।
-पवन बुवानीवाला, महासचिव वैश्य मॉडल स्कूल
शिक्षकों के साथ गलत किया गया है। वह शिक्षकों के साथ हैं और इस बारे में मैनेजमेंट से भी विचार विमर्श किया जाएगा।
रामअवतार शर्मा, अध्यक्ष, भाजपा शिक्षा प्रकोष्ठ