- मृतक राजस्थान के ढाणी खुडानी के थे रहने वाले
- परिवार के लोगों के साथ बिठन गांव में आए थे खुदाई करने
- मजदूरों को सुरक्षा के लिए नहीं दिए जाते कोई उपकरण
अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। खंड के गांव बिठन में पानी के कुंड की खुदाई कर रहे दो मजदूर अचानक मिट्टी खिसकने से नीचे दब गए जिससे उनकी मौत हो गई। मृतकों को करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद जेसीबी मशीन की सहायता से बाहर निकाला जा सका। उधर सूचना के बाद बहल पुलिस भी मौके पर पहुंची और शवों को लोहारू अस्पताल में लेकर आई। पुलिस ने परिजनों के बयान पर इत्तफाकिया कार्रवाई करते हुए शवों का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया।
जानकारी के अनुसार चैहडक़ला के विजय सिंह बिठन गांव स्थित अपने खेत में मजदूरों से कुंड खुदाई का काम करा रहे थे कि अचानक एक किनारे से मिट्टी खिसक गई जिसके नीचजे दोनों श्रमिक दब गए। उनको बचाने के लिए जेसीबी व ट्रैक्टर लगाकर मिट्टी हटानी शुरू की। मिट्टी हटाने में करीब एक घंटा लग गया, जब तक मजदूर सुभाष व महेंद्र को निकाला जाता, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया।
15 फीट हो चुकी थी खुदाई
चैहडक़लां निवासी विजय के खेत में कुंड की खुदाई का कार्य सुभाष व महेंद्र ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर सोमवार को शुरू किया था। मंगलवार सुबह तक वे करीब 15 फीट तक कुंड की खुदाई कर चुके थे। अब वे खुदाई कर रहे थे कि अचानक एक किनारे से कुंड की मिट्टी खिसक गई और दोनों मिट्टी के नीचे दब गए और उनकी मौत हो गई।
दो माह पहले हुई थी सुभाष की शादी
बिठन गांव में कुंड की खुदाई करने आए राजस्थान के गांव ढाणी खुडानी निवासी सुभाष की दो महीने पहले ही शादी हुई थी। अभी शादी की खुशियां मनाई ही जा रही थी कि अचानक हुए हादसे के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। वहीं, मृतक महेंद्र की तीन लड़कियां हैं।
रिवासा में भी मिट्टी खुदाई के दौरान हुई थी महिला मजदूर की मौत
ऐसा नहीं है कि जिले में मिट्टी खुदाई के दौरान मिट्टी ढह जाने से मिट्टी में दबने से मजदूर की मौत का पहला मामला हो। गांव रिवासा में मई महीने में नरेगा के तहत मिट्टी खुदाई का कार्य चल रहा था। उसी दौरान मिट्टी का तोंदा अचानक गिर गया जिससे नीचे दबने से एक महिला मजदूर की मौत हो गई थी कि अन्य घायल हो गई थी। मामले में मृतका के परिजनों ने हंगामा भी किया था। बाद में मामले में समझौता हो गया।
सुरक्षा को लेकर नहीं होता कोई भी पुख्ता प्रबंध
जिले में मिट्टी की खुदाई के दौरान हादसों में मजदूरों की मौत के बाद भी काम करवाने वाले मालिक सुरक्षा की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे। मजदूर अपनी जान जोखिम में डालकर कुंड की खुदाई करते हैं। जब भी कोई हादसा होता है तो उसे उसे इत्तफाकिया बनाकर मामला दबा दिया जाता है। खुदाई करवाने वाले मजदूरों को सुरक्षा के लिए कोई भी उपकरण उपलब्ध नहीं करवाते जिससे हादसे में मजदूर अपनी जान गवां देते हैं।
वर्जन किसका है ..........
बिठन गांव में कुंड की खुदाई करते समय मिट्टी धसने से मजदूर महेंद्र व सुभाष की मौत हो गई। मृतक के भाई के बयान पर इत्तफाकिया कार्रवाई अमल में लाई गई है। पोस्टमार्टम करवाने के बाद शवों को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।
- अनिल कुमार, एएस्रआई, चहड़ चौकी इंचार्ज
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