बिजली निगम ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के फीडरों को भी अपग्रेड किया और बिजली लोड कम करने व लंबे फीडरों में से फीडर अलग करने का कार्य भी किया। शहरी दायरे में ही ढाई सौ से अधिक बिजली ट्रांसफार्मर भी लगाए गए। बिजली निगम ने भिवानी शहर में मुख्य चौराहों को भी गोद लिया, जिन्हें बिजली के तारों से मुक्ति दिलाई जाएगी।
बिजली निगम ने शहर में दो नए 33 केवी के सब स्टेशनों का निर्माण कराने के लिए साल भर भूमि का खूब प्रयास किया, लेकिन न तो नगर परिषद ने पावर सब स्टेशनों के लिए जगह दी न ही आसपास के ग्रामीणों से सब स्टेशन निर्माण के लिए भूमि मिली। इसलिए ये मसौदा सिरे नहीं चढ़ पाया। निगम ने करीब डेढ़ सौ करोड़ के बजट से कई फीडरों को पुराने बिजली तारों से निजात दिलाई वहीं ओवरलोड कम करने के लिए बिजली फीडरों पर नए बिजली ट्रांसफार्मर भी लगाए। इसका फायदा यह हुआ कि अधिक खपत के दौरान लाइनों पर फाल्ट कम हो गए वहीं बिजली सुविधाएं भी बेहतर हुई। जगमग योजना के तहत भी जिले के 200 से अधिक गांवों में बिजली लाइनों का ढांचागत बदलाव कर चौबीसों घंटे आपूर्ति का शेड्यूल निर्धारित किया।
इसे अलावा शहरी दायरे के बाद ग्रामीण क्षेत्र में भी बिजली उपभोक्ताओं का डाटा ऑनलाइन किया गया। जिसके बाद ग्रामीण क्षेत्र में भी ऑन दी स्पॅाट बिलिंग शुरू कराई गई। शहर के अग्रसेन चौक और महाराणा प्रताप चौक को भी निगम ने गोद लिया है। इसी तरह चरखी दादरी में भी दो चौराहे गोद लिए गए। जिनका निगम खुद के बजट से सुंदरीकरण कराएगा। इसका काम भी नए साल में ही शुरू होगा।
भिवानी सर्कल के तहत आने वाले जिलों में निगम ने लगातार ढांचागत बिजली सुविधाओं में विस्तार किया है। जगमग योजना से अधिकांश गांव जुड़ चुके हैं, जबकि काफी गांवों में अब भी योजना पर काम चल रहा है। जो फीडर ओवरलोड हैं, उनमें भी अगल से नए फीडर बनाए जा रहे हैं। नए साल में जिले में और भी फीडरों पर बिजली सुविधाओं का विस्तार होगा।
-एसएस कंन्टूरा, महाप्रबंधक सर्कल भिवानी, दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम।