भिवानी: जाट धर्मशाला में आयोजित बैठक में मौजूद ओलंपियन बॉक्सर विजेंद्र सिंह, अमित पंघाल और अन्य
भिवानी। एशियन मुक्केबाजी चैंपियनशिप में चयन पर विवाद उपज गया है। इसे लेकर मिनी क्यूबा कहे जाने वाले भिवानी जिले के सात में से तीन मुक्केबाजों ने ट्रायल के बजाय फिटनेस व हाजिरी के आधार पर चयन पर सवाल उठाए हैं।
हरियाणा के अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज एशियन चैंपियनशिप में चयन को लेकर अपनाई गई नई प्रक्रिया से खफा हैं। इसी को लेकर अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज अमित पंघाल, विजेंदर सिंह, सागर अहलावत, रोहित मोर व कोच जगदीश ने रविवार को भिवानी की जाट धर्मशाला में पत्रकार वार्ता की। 51 किलोग्राम भार वर्ग में विश्व के नंबर वन मुक्केबाज अमित पंघाल ने कहा कि नई प्रक्रिया के तहत ट्रायल के बजाय सिर्फ हाजिरी व फिटनेस के आधार पर चयन किया जा रहा है, जो गलत है। मुक्केबाज अमित पंघाल ने कहा कि मेरे मुकाबले जिस मुक्केबाज का चयन हुआ है, उसे मैं कई बार हरा चुका हूं। उन्होंने कहा कि इस चयन प्रक्रिया से खिलाड़ी खेल में चाहे जितनी जान लगा दे पर सारी पॉवर विदेशी कोचों के हाथ में है, जो चहेतों का चयन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हमें समझ नहीं आ रहा कि हमारे कहां नंबर कट रहे हैं और जुड़ रहे हैं। अमित का कहना है कि जब कहीं सुनवाई नहीं हुई तो हमने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इस मौके पर अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज विजेंद्र सिंह ने कहा कि हमारे पीएम मोदी एक तरफ आत्मनिर्भर बनने को कहते हैं और दूसरी तरफ चयन के लिए विदेशों से कोच आते हैं। उन्होंने कहा कि इस नई चयन प्रक्रिया से चाटुकारिता व गुलामी को बढ़ाना मिलेगा। अनुभवी बॉक्सर पिछड़ जाएंगे और जी हुजूरी वालों को ही मौका मिलेगा। उन्होंने इसे तुगलकी फरमान करार देते हुए कहा कि इस लड़ाई में इन बॉक्सरों के साथ हूं।
अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज सागर अहलावत ने कहा कि हमारी लड़ाई और विरोध सिर्फ ट्रायल के बजाय आकलन के आधार पर चयन को लेकर है। इसी को लेकर अब हम कैंप में जाते हैं तो हमारी अनदेखी की जा रही है। गुरु द्रोणाचार्य अवाॅर्डी कोच जगदीश ने कहा कि चयन प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। चयन आकलन के बजाय प्रदर्शन या ट्रायल के आधार पर ही हो।