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Bhiwani News: सरकारी राशन डिपो पर कम राशन पर हुआ विवाद, संचालकों के आपत्ति जताने पर हुई तुलाई

Wed, 22 Feb 2023 12:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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गांव उमरावत के सरकारी राशन डिपो पर पहुंचा राशन का ट्रक
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भिवानी। सरकारी राशन डिपो पर गेहूं की सप्लाई देने वाले ट्रांसपोर्टर की ओर से कम गेहूं उतारे जाने को लेकर मंगलवार को विवाद हुआ। गांव उमरावत, कोंट और निंदाना के डिपो संचालकों ने डिपो पर उतारे जा रहे गेहूं के वजन को लेकर आपत्ति दर्ज कराई। शुरुआत में तो ट्रांसपोर्टर के कर्मचारी गेहूं के कट्टे बिना तुलाई के ही उतारने पर तुले रहे, लेकिन जब डिपो संचालकों ने बिना तुलाई गेहूं लेने से साफ इंकार किया तो इसके बाद सभी कट्टों की तुलाई कराई गई। तुलाई के बाद किसी डिपो पर दो क्विंटल तो किसी डिपो पर डेढ़ क्विंटल गेहूं का वजन कम मिला।
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इस पर ट्रांसपोर्टर कर्मचारी से भी डिपो पर कम गेहूं दिए जाने को रसीद में भी दर्ज कराया गया।दरअसल, जिलेभर में डिपो संचालकों की ओर से ट्रांसपोर्टर द्वारा गेहूं का कम वजन देने की शिकायतें विभाग के समक्ष भेजी गई थी। मगर किसी भी अधिकारी ने कोई संज्ञान तक नहीं लिया।
गांव उमरावत के डिपो संचालक अनंत शर्मा व गांव कोंट के डिपो संचालक सुनील ने बताया कि फरवरी माह का गेहूं महीना पूरे होने के अंत में डिपो पर भेजा गया। ऐसे में सिर्फ एक सप्ताह के अंदर कैसे डिपो पर पूरे माह के राशन का वितरण होगा। पूरे महीने लोग डिपो पर राशन लेने के लिए चक्कर लगाते रहे, मगर मंगलवार को जब ट्रांसपोर्टर का कर्मचारी ट्रक में गेहूं लेकर पहुंचा तो कट्टों की गिनती कराकर उतारने के लिए बोला। जिस पर डिपो संचालकों ने कट्टों की गिनती की बजाए उनका वजन कराकर ही उतरवाने की बात कही। इस पर ट्रांसपोर्टर कर्मचारी के साथ काफी देर तक डिपो पर बहस भी हुई और मामला अधिकारियों के संज्ञान में भी लाया गया। लेकिन कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इसके बाद डिपो पर बिना वजन गेहूं उतारने से जब डिपो संचालकों ने इन्कार कर दिया तो इसके बाद प्रत्येक कट्टे का वजन कराकर नीचे उतारा गया। इस पर ट्रांसपोर्टर का खेल भी समझ आ गया। निर्धारित कट्टों के वजन को जब जोड़ा गया तो किसी पर दो क्विंटल तो किसी पर डेढ़ क्विंटल गेहूं का वजन कम पाया गया। इस पर कम गेहूं उतारने की रसीद पर भी डिपो संचालकों ने जितना गेहूं कम दिया, उस कमी को भी दर्ज कराया गया ताकि भविष्य में स्टॉक जांचने पर डिपो संचालक को किसी तरह की मानसिक प्रताड़ना न झेलनी पड़े।
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ऐसे चलता है ट्रांसपोर्टर का कम राशन देने का खेल
डिपो संचालकों ने आरोप लगाया कि एफसीआई प्रत्येक कट्टे में 50 किलो 300 ग्राम गेहूं का वजन निर्धारित किया हुआ है। लेकिन ट्रांसपोर्टर के कर्मचारी किसी कट्टे में 49 किलो तो किसी कट्टे में 50 किलो लेकर आ रहे हैं। अगर कट्टे का वजन नहीं कराया जाए तो पूरे स्टॉक में राशन घट जाता है। जिस पर गाज डिपो संचालक पर गिरती है।

महीने के प्रथम या दूसरे सप्ताह में मिले डिपो पर राशन
डिपो संचालकों ने विभाग से मांग उठाई है कि उन्हें महीने की शुरुआती सप्ताह या फिर दूसरे सप्ताह तक डिपो पर राशन उपलब्ध कराया जाए ताकि उसका आसानी से वितरण हो सके और लोगों को भी कोई परेशानी नहीं झेलनी पड़े। फरवरी का महीना 28 दिन का है। जबकि 21 फरवरी से राशन डिपो पर उतारा गया है। ऐसे में कब तक वह पॉश मशीन में चढ़ेगा और कब तक उसका वितरण होगा, इसको लेकर कुछ कहा नहीं जा सकता। लोग भी परेशानी झेलेंगे।

प्रदेशभर में राशन कार्ड के अपग्रेडेशन का काम चल रहा है। इस वजह से इस बार 16 फरवरी को ही राशन की अलोकेशन आई थी। इसके बाद डिपो पर राशन की सप्लाई भिजवाई जा रही है। सभी डिपो पर राशन पूरा दिया जाएगा। अगर किसी भी डिपो संचालक को कोई दिक्कत है तो वह इसकी शिकायत संबंधित अधिकारी के समक्ष कर सकता है।
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- केके शर्मा, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक भिवानी।
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