बहल। नई अनाज मंडी में सब्जी मंडी बनाने के लिए जिन पेड़ों की नीलामी हुई थी उस ठेकेदार ने निर्धारित संख्या से ज्यादा हरे पेड़ों को उखाड़ दिया। इनमें कुछ पेड़ तो ऐसे थे जो मंडी विकसित होने के समय के थे और उनकी उम्र करीब 40 वर्ष से भी ज्यादा थी। मंडी बोर्ड सचिव ने वन विभाग से मामले की शिकायत करते हुए उचित कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय समाजसेवी लोगों ने मामले में कड़ा संज्ञान लिया है और इसकी जांच के लिए वन विभाग और मंडी सचिव को पत्र लिखा है। वहीं, कुछ अन्य लोगों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के लिए सीएम को ट्विट करने की बात कही है। मामला रविवार का है। रविवार को मंडी परिसर में गए लोगों ने देखा कि मिट्टी परीक्षण जांच लैब के सामने कुछ हरे पेड़ों को काटा जा रहा है। जब इस बात के बारे में पड़ताल की गई तो सामने आया कि सब्जी मंडी के लिए जिन पेड़ों की बोली लगी थी वो पेड़ तो मंडी में उत्तर दिशा में थे, जबकि मंडी की दक्षिण दिशा में पेड़ों की किसी प्रकार की बोली नहीं लगी थी और इनका अवैध रूप से कटान किया गया है।
बात फैली तो लोगों ने बुधवार को इस मामले में कड़ा रोष जताया तो मंडी बोर्ड सचिव ने गेेंद वन विभाग के पाले में डालते हुए उनको कार्रवाई के लिए पत्र लिखकर अपना कर्तव्य पूरा कर लिया। ठेकेदार ने अवैध रूप से काटे गए पेड़ों का मामला उठने पर कमेटी के खाते में कुछ रकम भी जमा करवाई है। पर, खास बात यह है कि बिना जुर्माना निर्धारित किए ठेकेदार ने मनमर्जी से कैसे पैसे जमा करवा दिए।
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सब्जी मंडी बनाने के लिए मई में लगी थी बोली, काटे जाने थे 248 पेड़
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जेपी दलाल ने कस्बे के विकास के लिए अनाज मंडी में सब्जी मंडी बनाने की घोषणा की थी। विभाग द्वारा सब्जी मंडी बनाने के लिए निर्धारित जगह पर खड़े पेड़ों की खुली बोली लगाई गई थी। वन विभाग द्वारा आंकी गई कीमत के अनुसार, मंडी बोर्ड के अधिकारियों की उपस्थिति में मई माह में 248 पेड़ों की करीब 4 लाख 40 हजार रुपये में बोली छूटी थी। लेकिन, अब जब ठेकेदार ने पेड़ों की कटाई की तो सब्जी मंडी के लिए निर्धारित (उत्तर दिशा) जगह पर खड़े पेड़ों के अलावा मंडी की दक्षिण दिशा में खड़े हरे पेड़ों को भी काट दिया।
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जानकारी के बावजूद भी चार दिन सोया रहा मंडी प्रशासन
लोगों में इस बात को लेकर रोष है कि ठेकेदार द्वारा उक्त पेड़ों को रविवार को काटा गया था और इसी दिन मंडी बोर्ड कर्मचारियों के मामला संज्ञान में आ गया था। पर, चार दिन तक मंडी प्रशासन ने इस संबंध में लिखित कार्रवाई नहीं की। जब बुधवार को कस्बे के समाजसेवी संगठनों के लोग मौके पर पहुंचे तो सचिव ने 7 सितंबर को वन विभाग को पत्र लिखा जिसमें कार्रवाई की मांग की है। वन विभाग के दरोगा हरिप्रकाश ने बताया कि उनको आज वाट्सएप पर पत्र मिला है। वे मामले में अधिकारियों के निर्देशानुसार मौका देखकर कार्रवाई करेंगे।
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युवा संगठन आगे आए, सचिव से की कार्रवाई की मांग
अवैध रूप से हरे पेड़ों की कटाई किए जाने से लोगों में रोष है। लोगों ने कहा कि एक एक पेड़ लगाने के लिए दिन रात की मेहनत करनी पड़ती है जबकि ठेकेदार ने अपने स्वार्थ के लिए हरे पेड़ों को काट दिया है। बहल युवा एकता संगठन के प्रधान योगेश शर्मा ने इस संबंध में सचिव व वन विभाग को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है। वहीं, समाजसेवी संजय अग्रवाल सहित अन्य लोगों ने इस संबंध में सीएम को ट्विटर से शिकायत भेजने की बात कही है। लोगों ने सचिव द्वारा शिकायत में पेड़ों की संख्या पर एतराज उठाया है। लोगों ने कहा कि करीब 20 से ज्यादा पेड़ों की अवैध कटाई हुई है जबकि सचिव ने पत्र में लगभग 13 पेड़ दिखाए है। लोगों ने कहा कि ठेकेदार द्वारा मौके से कटाई किए गए पेड़ों का उठान भी किया जा चुका है।
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यह मामला संज्ञान में आया है कि ठेकेदार द्वारा बोली से अधिक पेड़ों की कटाई की है। उन्होंने इस मामले में वन विभाग को उचित कार्रवाई के लिए पत्र लिख दिया है।
- अनिल कुमार, सचिव, मार्केट कमेटी, बहल।