भिवानी। शहरी दायरे में अब प्रॉपर्टी खरीदना महंगा हो गया है। मात्र 50 से 100 वर्गगज के प्लाॅट पर अब एक लाख से डेढ़ लाख रुपया अधिक खर्च करना पड़ेगा, क्योंकि शहरी दायरे में रिहायशी प्रॉपर्टी पर 15 और कॉमर्शियल प्रॉपर्टी पर 20 फीसदी कलेक्टर रेट बढ़ा दिए हैं। जबकि ग्रामीण क्षेत्र में रिहायशी प्रॉपर्टी पर 10 और कॉमर्शियल प्रॉपर्टी पर 20 फीसदी कलेक्टर रेट बढ़ाए गए हैं। एक अप्रैल से ही बढ़े हुए कलेक्टर रेट लागू हो जाएंगे। जिसके बाद शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में प्रॉपर्टी खरीद व बिक्री पर रजिस्ट्री कराने में भी ज्यादा स्टांप लगेगा। इससे सरकारी खजाना भी लबालब होगा।
भिवानी शहरी दायरे में अधिकृत कॉलोनियों के अंदर प्रॉपर्टी पर महंगी हो गई है। कोरोना संक्रमण के दौरान प्रॉपर्टी के दामों में काफी गिरावट आई थी, लेकिन कोरोना संक्रमण खत्म होने के बाद प्रॉपर्टी के रेट महंगे हो गए थे। अब शहरी और ग्रामीण दायरे के कलेक्टर रेट भी बढ़ा दिए हैं। हालांकि शहरी दायरे की प्रॉपर्टी पर 30 फीसदी और ग्रामीण क्षेत्र में 20 फीसदी तक प्रॉपर्टी के कलेक्टर रेट बढ़ने की संभावनाएं अमर उजाला ने समाचार प्रकाशित कर जता दी थी। इसके बाद कलेक्टर रेट रिवाइज किए जाने से पहले संबंधित इलाकों में दावे और आपत्तियां भी दर्ज कराई गई। लोगों की मांग रही कि प्रॉपर्टी में इतनी ज्यादा बढ़ोतरी न की जाए। इसके बाद जिला प्रशासन ने अब शहरी दायरे में रिहायशी इलाकों की प्रॉपर्टी पर 15 और कॉमर्शियल प्रॉपर्टी पर 20 फीसदी सर्कल रेट बढ़ा दिया है। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्र की प्रॉपर्टी में भी अब उछाल आएगा। क्योंकि ग्रामीण इलाकों में प्रॉपर्टी खरीद और बिक्री करने पर रिहायशी में 10 और कॉमर्शियल में 20 फीसदी सर्कल रेट बढ़ा दिए हैं। कॉमर्शियल प्रॉपर्टी शहरी और ग्रामीण दोनों पर ही सर्कल रेट एक समान बढ़ाए गए हैं। यानी शहर और गांव दोनों में ही व्यवसायिक संपत्ति की कीमत काफी महंगी हो गई है।
कैसे पूरा होगा गरीब के घर का सपना
भवन निर्माण सामग्री में पहले से ही काफी उछाल है, जिसकी वजह से गरीब के लिए घर बनाने का सपना साकार नहीं हो पा रहा है। अब भूमि पर सर्कल रेट बढ़ने के बाद जमीनों के भाव भी आसमान छूने लगे हैं। इससे पहले जमीन खरीदना और फिर मकान बना पाना मध्यम वर्ग के लोगों के लिए भी बहुत मुश्किल हो जाएगा। हालांकि कर्मचारी और व्यापारी वर्ग लोन लेकर भी प्रॉपर्टी खरीद सकेंगे।
शहर के इन हिस्सों में महंगी हो गई प्रॉपर्टी
शहर के हांसी गेट, घंटाघर, सराय चौपटा, नया बाजार, पुराना बस स्टैंड, महम गेट क्षेत्र, फैंसी चौक क्षेत्र, अग्रसैन चौक क्षेत्र, बैंक कॉलोनी, दिनोद गेट, कृष्णा कॉलोनी कॉमर्शियल प्रॉपर्टी 70 हजार से डेढ़ लाख रुपये प्रति वर्गगज के हिसाब से हो गई है। जबकि अन्य हिस्सों में कॉमर्शियल प्रॉपर्टी 30 हजार से लेकर 80 हजार रुपये प्रति वर्ग गज के हिसाब से बिक रही है। इन इलाकों में रिहायशी प्रॉपर्टी भी बहुत महंगी है।
जिले में नए कलेक्टर रेट एक अप्रैल से लागू हो गए हैं। भिवानी तहसील में भी शहरी और ग्रामीण दायरे में रिहायशी और कॉमर्शियल प्रॉपर्टी की खरीद और बिक्री पर नए कलेक्टर रेट के हिसाब से ही स्टांप ड्यूटी लगेगी। उपायुक्त की ओर से नए कलेक्टर रेट तहसील कर्मचारियों को मुहैया कराए जा चुके हैं।
-आलमगिर, नायब तहसीलदार भिवानी।