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सीएचओ ईमानदारी से करें ड्यूटी : सिविल सर्जन

Sat, 18 May 2024 03:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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​भिवानी के  अस्पताल में स्वास्थ्य अधिकारियों को  निर्देश देते सिविल सर्जन डॉ. रघुवीर शांडिल्य। 
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भिवानी। सिविल सर्जन डॉ. रघुवीर शांडिल्य ने कहा कि जिले के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिर (एएएम) पर कार्यरत सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) ईमानदारी से ड्यूटी करें। ताकि आमजन को समय पर स्वास्थ्य लाभ की सुविधा मिलती रहे।
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सिविल सर्जन डॉ. रघुवीर शुक्रवार को नागरिक अस्पताल में सीएचओ की दो दिवसीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा कर जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी सीएचओ अपनी संस्था पर सभी 105 प्रकार की दवाओं की सूची लगवाएं।
संस्था पर मरीजों से संबंधित 14 प्रकार की जांच की जानी चाहिए। इसका सामान संस्था पर अवश्य उपलब्ध हो। जांच के अनुसार हर मरीज का रिकाॅर्ड भी अवश्य रखें। सभी एएएम में सफाई का विशेष ध्यान रखें। संस्था पर कर्मचारियों के नाम, पद, मोबाइल नंबर दीवार पर लिखवाएं। एएएम के खुलने और बंद होने का समय भी संस्था के नोटिस बोर्ड पर अवश्य लिखा होना चाहिए।
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उन्होंने बताया कि सभी स्वास्थ्य संस्थाओं पर 12 स्वास्थ्य सेवाएं देय हैं। इनमें गर्भावस्था, प्रसव, नवजात, शिशु, बाल्यावस्था, किशोरावस्था, प्रजनन स्वास्थ्य की देखभाल, परिवार नियोजन गर्भनिरोधक सेवाएं, टीबी, कुष्ठ रोग, मलेरिया, डेंगू आदि संचारी रोगों का प्रबंधन होना चाहिए।
सामान्य संचारी रोगों, साधारण बीमारियों जैसे खांसी-जुकाम, दस्त, बुखार आदि के लिए बाह्य रोगी विभाग में देखभाल, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मुंह का कैंसर, स्तन कैंसर, बच्चेदानी के मुंह का कैंसर जैसे गैर संचारी रोगों की जांच, रोकथाम, नियंत्रण, प्रबंधन, मानसिक रोगों की जांच, आंख, कान, नाक, गले की सामान्य देखभाल, मुख/दांत संबंधी देखभाल, बुजुर्गों के लिए आवश्यक सेवाएं और आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक कार्यक्रम (कायाकल्प) के तहत संस्था पर सफाई और मरीजों को बेहतर सुविधा देना है। इस कार्यक्रम के तहत राज्य मुख्यालय या अन्य जिलों की टीम हर संस्था का निरीक्षण करती है। उन मापदंडों पर खरा उतरने वाली संस्था राज्य में प्रथम स्थान तक प्राप्त कर सकती है। इसके लिए हम सभी को प्रयास करना चाहिए।
नोडल अधिकारी डॉ. अनीता कत्याल ने बताया कि कायाकल्प के तहत जिले में पहले स्थान, दूसरे स्थान, तीसरे स्थान पर आने वाली संस्था को राज्य मुख्यालय से अलग से प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इस राशि का उपयोग संबंधित संस्था स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में कर सकती है।
12 सेवाओं में खरा उतरने पर एनक्यूएएस प्रोग्राम के तहत प्रमाणित 70 प्रतिशत से अधिक स्कोर वाली संस्था को लगातार तीन वर्ष तक अलग से सालाना प्रोत्साहन राशि मिलती रहेगी। कार्यशाला में उपसिविल सर्जन डॉ. सुमन विश्वकर्मा, उप सिविल सर्जन डॉ. राकेश खटक, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. आशीष, नोडल अधिकारी डॉ. अरुण, डॉ. अजय ने अपने कार्यक्रम संबंधी निर्देश दिए।
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