शहर के जैन चौक क्षेत्र में क्रोकरी एंड गिफ्ट गैलरी हाउस संचालक और पोशाक भंडार संचालक के खिलाफ बाल कल्याण समिति की ओर से किशोर न्याय अधिनियम 2015 के तहत केस दर्ज कर कानूनी कार्रवाई किए जाने की सिफारिश की है। दरअसल ऑपरेशन मुस्कान के तहत इन दोनों ही दुकानों में महज 15 साल के दो बच्चों से बाल मजदूरी कराई जा रही थी। इसके बदले उन्हें महज 3500 रुपये मेहनताना दिया जा रहा था। दोनों बच्चों को रेस्क्यू किए जाने के बाद उनकी काउंसिलिंग भी कराई गई थी। इसके बाद अब आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई के लिए कदम उठाया गया है।
बाल कल्याण समिति की ओर से लिखे गए पत्र में बताया गया है कि ऑपरेशन मुस्कान के तहत श्रम निरीक्षक रवि शंकर, बाल कल्याण समिति सदस्य सतेंद्र तंवर, डीसीपीयू यूनिट भिवानी से संदीप कमार, स्टेट क्राइम ब्रांच से एसआई कपिल देव, एचसी राजबीर, एचसी जयवीर की संयुक्त टीम ने जैन चौक क्षेत्र में दो दुकानों पर दो नाबालिग बच्चों को बाल मजदूरी करते हुए रेस्क्यू किया गया था। इन बच्चों की छह नवंबर को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया। जहां इन बच्चों की काउंसिलिंग कराई गई। काउंसिलिंग के दौरान बच्चों ने बताया कि दोपहर तीन बजे से रात आठ बजे तक लगातार उनसे काम कराया जाता था। इस एवज में 3500 रुपये मेहनताना देते थे। बच्चाें को रेस्क्यू किए जाने के बाद परिजनों को सौंपा। वहीं बाल मजदूरी कराने के मामले में जिला बाल कल्याण समिति की ओर से शहर थाना पुलिस थाना प्रबंधक और पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर आरोपी दुकानदारों के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम 215 के तहत कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की है।
ऑपरेशन मुस्कान के तहत गुम हुए बच्चों को रेस्क्यू किया जा रहा है। वहीं बाल मजदूरी में फंसे बच्चों को बचाया जा रहा है। इस संबंध में सीडब्ल्यूसी की ओर से सिटी एसएचओ को पत्र लिखा है। केस दर्ज कर इस संबंध में आगामी कार्रवाई कराई जाएगी।
- सतेंद्र तंवर, सदस्य, बाल कल्याण समिति।