अब अगर नाबालिग बच्चों को दुपहिया वाहन चलाने के लिए दिया तो शहर के चौक चौराहे पर परिजनों को बुलाकर ट्रैफिक पुलिस उन्हें वाहन सुपुर्द के साथ भविष्य में ऐसा नहीं करने के प्रति जागरूक करेगी। इतना ही नहीं अगले एक हफ्ते बाद यातायात नियम तोड़ने वालों को घर पर ही फोटो के साथ चालान मिलेगा। इसके लिए जिला पुलिस की ओर से शहर के दस चौक चौराहों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की मदद से ई चालान सिस्टम लागू किया जाएगा।
यह बात भिवानी के पुलिस अधीक्षक वरुण सिंगला ने टीआईटी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में बच्चों को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए कही। पुलिस अधीक्षक वरुण सिंगला ने कहा कि आज के डिजिटल तकनीकी दौर में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इसमें सबसे अधिक पढ़े लिखे युवा वर्ग ही झांसे में आकर धोखाधड़ी के शिकार हो रहे हैं। इनसे बचाव के लिए जागरूकता बेहद जरूरी है। साइबर ठगी के मामलों में तुरंत टोल फ्री नंबर 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं ताकि साइबर ठगों द्वारा हड़पा पैसा वापस मिल सके।
पुलिस अधीक्षक वरुण सिंगला का विद्यालय पहुंचने पर प्राचार्य डॉ. डीपी कौशिक ने स्वागत किया। कार्यक्रम में जिला लोक संपर्क एवं सूचना अधिकारी सुरेंद्र सिंघल और टीआईटीएस के वित्त प्रबंधक एश्वर्य शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में पहुंचे। मंच संचालन टीआईटी स्कूल के प्रवक्ता सुखबीर सिंह ने किया। इस मौके पर डायल 112 जागरूकता के लिए पुलिस विभाग की जिला निरीक्षक सरोज देवी इंस्पेक्टर, साइबर पुलिस थाना के इंचार्ज सब इंस्पेक्टर विकास कुमार, जिला यातायात पुलिस थाना के सब इंस्पेक्टर रामनिवास, दुर्गा शक्ति रेपिड एक्शन फोर्स टीम इंचार्ज सब इंस्पेक्टर अमिता ने स्कूली बच्चों को जागरूक किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में जिला पुलिस प्रवक्ता अभिषेक यादव का अहम योगदान रहा। कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक वरुण सिंगला ने पौधरोपण भी किया। वहीं उन्होंने पुलिस की पाठशाला को अमर उजाला की अच्छी पहल बताया।
भिवानी को बनाएंगे सेफ सिटी : वरुण सिंगला
पुलिस अधीक्षक वरुण सिंगला ने कहा कि भिवानी को सेफ सिटी बनाया जाएगा। इसके लिए शहर भर में करीब डेढ़ हजार ऑटो रिक्शा को जिला पुलिस प्रशासन की ओर से यूनिक नंबर जारी किया जा चुका है। जबकि करीब साढ़े तीन से चार हजार ऑटो और ई-रिक्शा को ये नंबर जारी किए जाएंगे, जिनका काम जल्द पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोई भी महिला या लड़की किसी भी समय घर से निकलती है और सफर के दौरान भी अगर उसके साथ कोई बदतमीजी होती है तो तुरंत डायल 112 पर मदद ले सकती है। नशा की रोकथाम के लिए भी जिला पुलिस प्रभावी कदम उठा रही है। इसके लिए ग्राम प्रहरी तैनात किए गए हैं, जिनकी मदद से पुलिस नशाखोरी का कारोबार करने और नशा करने वालों तक पहुंच तत्परता से कार्रवाई कर रही है।
अपने सोशल मीडिया के अकाउंट को करें पासवर्ड से सुरक्षित : विकास
साइबर पुलिस थाना इंचार्ज सब इंस्पेक्टर विकास ने बच्चों को साइबर अपराध के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि बच्चे अपने सोशल मीडिया के अकाउंट को पासवर्ड के जरिये सुरक्षित रखें और किसी अनजान व्यक्ति की कॉल या फिर वीडियो एवं व्हाटसएप कॉल न उठाएं। उन्होंने बच्चों का मोबाइल फोन से दूरी बनाए रखने के लिए भी आह्वान किया। किसी भी तरह की साइबर ठगी होने पर साइबरक्राइमडॉटजीओवीडॉटइन पर शिकायत दर्ज कराएं। सोशल मीडिया पर अपने निजी फोटो और वीडियो को भी सुरक्षित रखें ताकि कोई उनका गलत इस्तेमाल न कर पाए।
डायल 112 एप पर कराएं अपना रजिस्ट्रेशन, मदद मांगने पर तुरंत पहुंचेगी पुलिस : सरोज
पुलिस विभाग की डिस्ट्रिक्ट इंस्पेक्टर (डीआई) निरीक्षक सरोज देवी ने छात्राओं को डायल 112 एप के बारे में जागरूक किया। उन्होंने बताया कि छात्राएं डायल 112 एप को गुगल प्ले स्टोर में जाकर अपने फोन में डाउनलोड करें और अपने रजिस्टर्ड फोन से इस पर अपना रजिस्ट्रेशन करा दें। जब भी जरूरत पड़ने डायल 112 पर कॉल कर मदद मांगेंगी तो पुलिस आपके मोबाइल की लोकेशन और आपके नाम पहचानते हुए तुरंत आप तक पहुंचेगी। इसके लिए डायल 112 में भी व्यापक बदलाव और सुधार किया गया है।
वाहनों की गहनता से चेकिंग होगी : रामनिवास
जिला यातायात पुलिस थाना के इंस्पेक्टर सुनील कुमार और सब इंस्पेक्टर रामनिवास ने बताया कि अभिभावक अपने नाबालिग बच्चों को दुपहिया वाहन थमा देते हैं, ऐसा करने वाले अभिभावकों की खैर नहीं। हर चौक चौराहे पर वाहनों की गहनता से चेकिंग होगी। इस दौरान अगर कोई बच्चा दुपहिया वाहन के साथ मिलता है तो उसके अभिभावक को वहां बुलाकर उसे पहली बार समझाया जाएगा। दूसरी बार उसका चालान कर अभिभावक पर भी कानूनी कार्रवाई कराई जाएगी।