भिवानी। बारिश के बाद मौसम में काफी बदलाव आया है, जिसके कारण बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। इन दिनों सबसे अधिक गले में खराश और दर्द के मरीज सामने आ रही है। वहीं खांसी, जुकाम, बुखार के मरीजों के स्वास्थ्य में भी कोई खास सुधार नजर नहीं आ रहा। नागरिक अस्पताल की ओपीडी में वीरवार को मरीजों की काफी भीड़ रही, जिसके कारण सुरक्षाकर्मियों व मरीजों के तीमारदारों के बीच तीखी नोंकझोंक भी हुई। ऐसे में अस्पताल की व्यवस्था काफी प्रभावित हुई।
वीरवार को ओपीडी में करीब 1250 मरीज चेकअप करवाने के लिए अस्पताल में आए, जिनमें से नए मरीज करीब 700 और 550 मरीज दोबारा जांच करवाने के लिए पहुंचे। वहीं फिजिशियन की ओपीडी में करीब 220 मरीज आए, जिनमें से 40 मरीजों को गले में खराश व दर्द की दिक्कत थी, जबकि करीब 150 मरीजों को खांसी, जुकाम, बुखार, बदन दर्द, सिर दर्द और सर्दी लगने की शिकायत दी। चिकित्सक ने मरीजों को दवा के साथ सावधानी रखने का परामर्श दिया।
गुलाबी ठंड की चपेट में बच्चे भी आ रहे हैं। वीरवार को बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में करीब 180 तीमारदार अपने बच्चों को लेकर पहुंचे, जिनमें से अधिकतर सर्दी लगी की दिक्कत थी। अस्पताल में पहुंची सरोज, पूजा, सोनिया ने बताया कि कि बच्चों को रात के समय अधिक बुखार हो जाती है और नाक से पानी भी बहता है। ऐसे में वे घरेलू तरीके भी अपनाते हैं अगर फिर भी बच्चों के स्वास्थ्य में कोई विशेष सुधार नहीं हो रहा। जिसके कारण वे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचे हैं।
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इन दिनों बच्चे बुखार, खांसी और जुकाम की चपेट में आ रहे हैं। बच्चों के साथ ही बड़े भी गुलाबी ठंड की चपेट में आकर बीमार हो रहे हैं। बड़ों में गले में दर्द व खराश के साथ जुकाम की दिक्कतें भी सामने आ रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखते हुए गर्म कपड़े पहनें और गर्म पानी ही पीएं। जंक फूड खाने से परहेज करें और रोजाना पौष्टिक आहार का सेवन करें।
- डॉ. रिटा सिसोदिया, बाल रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल।