खानक पहाड़ में चल रहे ओवरलोड को लेकर धरने पर बैठ नारेबाजी करते ट्रक यूनियन के सदस्य।
तोशाम। खानक पहाड़ में चल रहे ओवरलोडिंग को लेकर मामला सुलझ नहीं रहा है। कांटे बंद होने के कारण पिछले आठ दिनों से क्रशरों पर पत्थर नहीं पहुंच रहा। इसके कारण भवन निर्माण सामग्री के भाव में भी 20 से 30 रुपये प्रति टन के हिसाब से उछाल आ गया है। वहीं ट्रक यूनियन ने मंगलवार से ओवरलोडिंग के विरोध में सांकेतिक धरना शुरू कर दिया है। इसके कारण भवन सामग्री के भाव में उछाल आना शुरू हो गया है। पहले रोड़ी-क्रशर का भाव 680 रुपये टन था जो अब 710 रुपये के करीब हो गया है। जल्द ही ओवरलोड का जल्द ही समाधान नहीं हुआ तो भवन सामग्री के भाव 8 सौ रुपये प्रति टन से ज्यादा हो जाएंगे।
ओवरलोडिंग को लेकर पिछले करीब डेढ़ माह से ट्रक यूनियन विरोध कर रही है। इसको लेकर एचएसआईआईडीसी के अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है। ट्रक यूनियन के लोगों का कहना है कि एचएसआईआईडीसी की ओर से जबरदस्ती ओवरलोड डंपरों को चलाया जा रहा है। ट्रक यूनियन इसका विरोध कर रही है। फिर भी एचएसआईआईडीसी के अधिकारी हठधर्मिता किए हुए हैं।
ट्रक यूनियन का कहना है कि पहाड़ की ऊंचाई 4 सौ फीट के ज्यादा है। इतनी ऊंचाई से ओवरलोड भरकर नीचे आने पर बहुत ज्यादा खतरा होता है। ओवरलोड होने के कारण ब्रेक कम लगता है। इसके कारण हादसा होने का भय रहता है। इसके कारण वे ओवरलोड नहीं भर रहे। ओवरलोड के विरोध बंद के कारण दूसरे लोगों को भी नुकसान हो रहा है। जल्द ही समाधान नहीं हुआ तो भवन सामग्री भी तेज हो जाएगी।