भिवानी। गो सेवा आयोग ने भिवानी जिले की 39 पंजीकृत गोशालाओं के लिए बजट जारी कर दिया है, मगर नगर परिषद की इकलौती नंदीशाला के लिए अभी तक एक पैसा गोसेवा आयोग से नहीं आया है। हालांकि गो सेवा आयोग से नंदीशाला सूचीबद्ध हो चुकी हैं, जिसे अभी ग्रांट नहीं मिली है। वहीं नंदीशाला में करीब साढ़े सात सौ से अधिक नंदी है। इनका चारा दानवीरों व नंदीशाला रखरखाव कमेटी की ओर से ही हो रहा है। फिलहाल इसमें भी अब विकट स्थिति बनी है।
हर माह नंदीशाला में नंदियों के लिए चारे पर ही करीब दस लाख का खर्च हो रहा है। ये खर्च कमेटी व शहर के दानवीरों से जुटाया जा रहा है। नंदीशाला रखरखाव कमेटी पदाधिकारियों का कहना है कि सभी गोशालाओं को प्रति गोवंश के हिसाब से निर्धारित बजट मिल चुका है, मगर नंदीशाला के लिए अभी एक पैसा नहीं मिला है। पिछले कुछ माह पहले ही नंदीशाला को सूचीबद्ध भी किया जा चुका है, मगर इसे ग्रांट के लिए अभी तक पंजीकृत नहीं किया है। ऐसे में शहर भर से पकड़कर रहा रखे नंदी भी अब दानवीरों के रहमोकरम पर ही जिंदा है। वहीं नंदीशाला रखरखाव समिति के प्रधान दीवाकर जैन ने बताया कि नंदीशाला को गो सेवा आयोग से सूचीबद्ध किया जा चुका है, मगर सभी गोशालाओं को ग्रांट जारी किए जाने के बावजूद नंदीशाला को कोई भी पैसा गो सेवा आयोग की तरफ से अभी तक नहीं मिला है। नंदीशाला के लिए गो सेवा आयोग ग्रांट दे तो यहां चारे की व्यवस्था कराना संभव हो पाएगा।