बवानीखेड़ा। गांव सीपर के खेतों में वीरवार रात करीब 2 बजे तीन जगह टूटी खानक माइनर में 42 घंटे बाद भी एक जगह से रिसाव जारी है। माइनर टूटने से किसानों की हजारों एकड़ भूमि जलमग्न हो गई। खेतों में 3 फीट पानी जमा हो गया। अब पानी ने बोहल गांव की तरफ रुख कर लिया है।
समय रहते स्थिति पर काबू न पाया गया तो पानी आबादी में घुस सकता है। सूचना पाकर सिंचाई विभाग के अधिकारी व कर्मचारी वीरवार से ही मौके पर बने हुए हैं। कड़ी मशक्कत के बाद एक रिसाव को वीरवार व दूसरे रिसाव को शुक्रवार को बंद कर दिया। वहीं तीसरी जगह से हो रहे पानी के रिसाव को भी समाचार लिखे जाने तक मजदूर व जेसीबी से माइनर पाटने का कार्य किया जा रहा था। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि देर शाम तक माइनर के तीसरे रिसाव को भी बंद कर दिया जाएगा। वहीं खेतों में पानी खड़ा होने से किसानों एक बार फिर आफत आ गई है।
किसान रामकिशन, पीलू, सोनू, बीरबल, शिव कुमार, प्रेम कुमार व राजेंद्र ने बताया कि इससे पहले भी काफी दिन माइनर टूटने से उनके फसलें खराब हो गई थी। अब खेतों से पानी सूखा था और वे आगामी फसल बिजाई की तैयारी कर रहे थे। किसानों का कहना है कि उनको दोहरी मार झेलनी पड़ेगी क्योंकि जब तक खेतों में पानी सूखेगा तब तक आगामी फसल की बिजाई का समय जा चुका होगा। किसानों ने सरकार व प्रशासन से मांग की है कि उनकी स्थिति देख उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए।
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गांव सीपर के खेतों में खानक माइनर से टूट गई थी। टूटी माइनर के सभी रिसाव को बंद कर दिया है। एक और रिसाव को बंद करने के लिए मजदूर व जेसीबी लगाकर पानी रोकने का कार्य किया जा रहा है। जल्द ही उसे भी बंद कर दिया जाएगा।
- जंगबीर सिंह, उपमंडल अभियंता सिंचाई विभाग।