जूई (भिवानी)। जूई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में लाखों के उपकरण खरीद में अब गड़बड़ी की आशंका का मामला सामने आया है। मामला आरटीआई से जुड़ा है। इसमें मांगी गई जानकारी के जवाब में स्वास्थ्य विभाग ने लाखों रुपयों के उपकरण खरीद के बिल ही रिकाॅर्ड में नहीं होने की बात कही है। जबकि जूई पीएचसी में तैनात दंत चिकित्सक पहले से ही तीन साल से यहां की बजाय जिला मुख्यालय पर ड्यूटी दे रही हैं।
जूई पीएचसी की अनियमितताओं को लेकर अब ग्राम पंचायतों ने भी सुर मुखर किए हैं। पंचायत ने स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है कि जल्द ही यहां की व्यवस्थाएं नहीं सुधरी तो तीनों पंचायतें सख्त कदम उठाएंगी।
स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल सिंह परमार ने जूई पीएचसी से जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत अप्रैल 2016 से नवंबर 2022 तक स्वास्थ्य कल्याण समिति द्वारा खरीद किए गए उपकरणों व दवाओं के संबंध में जानकारी मांगी थी। जिस पर स्वास्थ्य विभाग ने आरटीआई के जवाब में सूचना दी कि खरीदे गए सामान के बिल रिकाॅर्ड में उपलब्ध नहीं हैं। जूई पीएचसी में सामान खरीद की अनियमितताओं और चिकित्सकों की कमी को लेकर अब जूई की तीनों पंचायतों ने भी स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग को लेकर सुर मुखर किया है।
दरअसल, पीएचसी की दंत चिकित्सक करीब तीन साल से जिला मुख्यालय पर अपनी सेवाएं दे रही हैं। जबकि पीएचसी में लाखों के बजट से खरीद की गई डेंटल चेयर भी धूल फांक रही है। अब ग्राम पंचायत ने स्वास्थ्य विभाग को अल्टीमेटम दिया है कि यहां की व्यवस्थाएं सुधारी जाए, नहीं तो ग्राम पंचायत पीएचसी की लचर व्यवस्थाओं को लेकर जल्द ही पंचायत बुलाकर ठोस निर्णय लेगी।
ये हैं जूई पीएचसी में स्वीकृत और तैनात चिकित्सकों व अन्य स्टाफ की स्थिति
पद-
स्वीकृत-
खाली पद
डॉक्टर-
02-
01
फार्मासिस्ट-
01-
01
लैब तकनीशियन- 01-
01
डेंटल-
01-
01
वार्ड सर्वेंट-
02-
01
स्वीपर-
02-
01
सिक्योरिटी गार्ड- 02-
02
स्टाफ नर्स- 04-
04
एएनएम-
02-
02
हेल्थ इंस्पेक्टर-01-
01
पीएचसी में खर्च हुए रुपये का सारा मामला सिविल सर्जन कार्यालय के संज्ञान में है। इस बारे में इससे ज्यादा मैं कुछ नहीं जानती हूं।
-डॉ. नेहा, इंचार्ज, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, जूई।
सामान की ये खरीद मेरे से पहले के सिविल सर्जन के कार्यकाल की है। मेरे पास 26 पद एसएमओ के हैं। लेकिन एक ही एसएमओ है। ऐसे में फील्ड से अतिरिक्त कार्य की ड्यूटी लगा सकते हैं।
-डॉ. रघुवीर शांडिल्य सिविल सर्जन भिवानी।
जूई पीएचसी में पर्याप्त स्टाफ नहीं है और दवाओं का भी अभाव है। पिछले तीन साल से दंत चिकित्सक भी यहां नहीं आ रहा है। पीएचसी में स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग को लेकर स्वास्थ्य विभाग से जल्द मांग पत्र सौंपा जाएगा। अगर फिर भी जूई पीएचसी के हालात नहीं सुधरे तो सख्त कदम उठाएंगे।
-पवन रापडिया, सरपंच, जूई कलां।