हवलदार बलबीर सिंह श्योराण के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित करते एसडीएम अमित कुमार।
बहल। सीमा सुरक्षा बल में पश्चिम बंगाल में सेवारत मंढ़ोली कलां निवासी हवलदार बलबीर सिंह (56) की बुधवार को हृदयघात से मौत हो गई। वीरवार को उनके पैतृक गांव मंढोली कलां में उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। सेना व पुलिस के जवानों ने मातमी धुन बजाकर व शस्त्र उल्टे कर उनको विदाई दी।
प्रशासन की तरफ से एसडीएम अमित कुमार ने उनको श्रद्धासुमन अर्पित किए। बुधवार को जब गांव में लोगों को हवलदार बलबीर सिंह श्योराण के निधन की सूचना मिली तो पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। वीरवार को जैसे ही सेना के वाहन में बलबीर का पार्थिव शरीर गांव में पहुंचा तो लोगों की आंखें नम हो गई। लोगों ने बलबीर सिंह अमर रहे, भारत माता की जय से आसमान गुंजायमान कर दिया। शाम करीब पांच बजे उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके बड़े बेटे यशपाल ने बलबीर सिंह को मुखाग्नि दी। प्रशासन की तरफ से एसडीएम अमित कुमार, नायब तहसीलदार गौरव राजौरा, थाना प्रभारी नवीन यादव ने पुष्प अर्पित कर उनको नमन किया। इसके अलावा कांग्रेस नेता राजबीर फरटिया, भाजपा नेता आशीष दलाल, जिला पार्षद रविन्द्र मंढ़ोली, रितेश बहल सहित अन्य लोगों ने बलबीर सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके पारिवारिक सदस्यों ने बताया कि बलबीर सिंह वर्ष 1990 में बीएसएफ में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे। वे फिलहाल बीएसएफ की 149 बटालियन में हवलदार के पद पर पश्चिम बंगाल के मालदा शहर में सेवारत थे। उन्होंने बाहरवीं कक्षा गांव के सरकारी स्कूल से पास की थी। वे करीब 20 दिन की छुट्टी पूरी करने के बाद एक महीने पहले ही अपनी ड्यूटी पर लौटे थे। परिवार में उनके दो बेटे यशपाल व विनय है। उनकी पत्नी परमेश्वरी की कुछ दिन पहले एक दुर्घटना में रीढ़ की हड्डी क्षतिग्रस्त हो गई थी। संवाद