भिवानी। अब हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड एनसीईआरटी पाठ्यक्रम से बाहर की पुस्तकें पढ़ाने वाले निजी स्कूलों पर शिकंजा कसेगा। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों में कमीशनखोरी के चक्कर में महंगी किताबें पढ़ाने पर कार्रवाई के लिए आदेश जारी कर दिया है। दाखिला प्रक्रिया पूरी होने के बाद बोर्ड की स्पेशल टीम प्रदेशभर में निजी स्कूलों का निरीक्षण कर बच्चों को कक्षावार पढ़ाई जा रही पाठ्यक्रम पुस्तकों की जांच करेगी।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड कॉपी राइट एक्ट के तहत खुद ही एनसीईआरटी पाठ्यक्रम पुस्तकों का प्रकाशन भी कराता है। इन पुस्तकों की बिक्री के लिए फतेहाबाद, अंबाला, फरीदाबाद और भिवानी में चार जिलों में डिपो भी बने हैं, जहां से बोर्ड के अधिकृत पुस्तक विक्रेता इन पुस्तकों की बिक्री करते हैं। निजी स्कूलों की बोर्ड से स्थायी मान्यता के संबद्धता नियमों में भी ये नियम लागू होता है कि बच्चों को सभी कक्षाओं में एनसीईआरटी की पुस्तकें ही पढ़ाई जाएंगी। मगर, धरातल पर इसके उलट स्थिति है। प्रदेश के अधिकांश निजी स्कूलों में निजी प्रकाशकों से निजी स्कूल सांठगांठ कर महंगे दामों की पुस्तकें अभिभावकों पर थोप रहे हैं। चुनिंदा निजी स्कूल तो कक्षावार बच्चों के अभिभावकों को पाठ्य पुस्तकों की खरीद के लिए बाकायदा एक ही पुस्तक विक्रेता का नाम तय कर रहे हैं, जबकि ड्रेस के लिए भी चुनिंदा दुकानें तय की गई हैं। प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को भी बोर्ड ने पत्र जारी कर ऐसे मामलों में कार्रवाई के निर्देश सभी डीईओ और डीईईओ को दिए हैं। संवाद
पांच हजार की राशि जमा कराकर बन सकता है अधिकृत वेंडर
प्रदेश के चार जिलों में बोर्ड के अधिकृत डिपो हैं, जिनसे एनसीईआरटी की निर्धारित पाठ्यक्रम की पुस्तकें खरीदकर बेचने के लिए कोई भी पुस्तक विक्रेता पांच हजार का शुल्क देकर अधिकृत वेंडर बन सकता है।
हरियाणा और सीबीएसई बोर्ड के पाठ्यक्रम में कोई अंतर नहीं है। बोर्ड खुद एनसीईआरटी की पुस्तकों का प्रकाशन कराकर अधिकृत डिपो के जरिये प्रदेशभर में बिक्री करता है। इस पाठ्यक्रम से बाहर अगर कोई निजी स्कूल बच्चों को पुस्तकें पढ़ाता है तो उस पर बोर्ड की संबद्धता नियम का उल्लंघन करने पर एक लाख तक का जुर्माना लगा सकता है। बार बार नियम तोड़ने पर मान्यता भी रद्द हो सकती है। बोर्ड दाखिला प्रक्रिया पूरी होने के उपरांत प्रदेश में निजी स्कूलों में पाठ्यक्रम की जांच के लिए अभियान चलाएगा।
-डॉ वीपी यादव, अध्यक्ष, हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी।