भिवानी। जिला नागरिक अस्पताल परिसर में खुले में बायोवेस्ट फेंका जा रहा है। इससे मरीजों की सेहत पर भी अब संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। हालांकि बायो वेस्ट निस्तारण के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से ठेका दिया हुआ है। जो एक निजी कंपनी है।
सभी अस्पतालों से निकलने वाले बायोवेस्ट का निस्तारण इसी कंपनी द्वारा किया जा रहा है, लेकिन फिर भी नागरिक अस्पताल के वार्डों में मरीजों पर प्रयोग हो रहीं दवाइयों और सीरिज भी खुले में ही फेंके जा रहे हैं। जबकि इस तरह का बायोवेस्ट निस्तारण के दायरे में आता है।
जिला नागरिक अस्पताल के वार्डों की तरफ खुले में बायोवेस्ट डाला जा रहा है। यहां बायोवेस्ट के ढेर लगे हैं। इसके अंदर प्रयोग किए गए सीरिज, दवाईयों की खाली सीसी व अन्य सामान शामिल है। कई बार तो बायोवेस्ट को खुले में ही जला दिया जाता है। ऐसा करना भी बेहद खतरनाक काम है। क्योंकि इसके जहरीले धुएं से मरीजों की मुश्किलें और अधिक बढ़ सकती हैं।
जिला नागरिक अस्पताल में दस वार्ड हैं, जिनके अंदर करीब साढ़े चार सौ से अधिक मरीज दाखिल रहते हैं। ये मरीज अपने वार्डों की बाहर की तरफ खुलने वाली खिड़कियों को भी अक्सर खुला रखते हैं। ऐसे में बायोवेस्ट के जलाए जाने से उठने वाला धुआं उनकी बेचैनी बढ़ा सकता है।
जिला नागरिक अस्पताल में बायोवेस्ट के निस्तारण के लिए अलग-अलग रंग के डस्टबिन रखे गए हैं। इसे रोजाना ही कंपनी के कर्मचारी निस्तारण के लिए लेकर जाते हैं। अगर किसी भी तरह की दवाइयों के प्रयोग किए गए वेस्ट को बाहर फेंका जा रहा है तो इस पर संज्ञान लिया जाएगा।
- डॉ. बलवान सिंह, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, जिला नागरिक अस्पताल भिवानी।