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Bhiwani News: बायोमेट्रिक का मिलान नहीं नहीं हो रहा मिलान, उपचार के बिना भटक रहे बीमार

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भिवानी। आयुष्मान कार्ड के लिए पीपीपी और आधार कार्ड में बायोमेट्रिक का मिलान नहीं होने वजह से लाभार्थियों को कार्ड का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसकी वजह से वे बार-बार नागरिक अस्पताल में बने हेल्प डेस्क के चक्कर काट रहे हैं।
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अस्पताल में रोजाना 100 से अधिक लाभार्थी पहुंच रहे हैं। इनकी जानकारी विभाग की अधिकारी निदेशालय में भेज रहे हैं। जहां से कार्ड अपडेट होने में एक से डेढ़ माह का समय लग रहा है। ऐसे में कई लाभार्थी ऐसे है जो अपनी बीमार का उपचार करवाने से वंचित रह गए हैं।
जिले में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 5 लाख 72 हजार लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाने हैं, जिसमें से अब तक चार लाख 60 हजार लाभार्थियों के कार्ड पंजीकृत हो चुके हैं, जबकि एक लाख 12 हजार लाभार्थियों के कार्ड बनने बाकी हैं। जिले में 16 नवंबर से आयुष्मान योजना के गोल्डन कार्ड बनने शुरू किए थे। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिलेभर के पात्र लाभार्थियों की सूची नगर पार्षद, सरपंच और आशा वर्कर को साझी की हुई है। इन सूची में स्थान पाने वाले लाभार्थी नजदीक कॉमन सर्विस सेंटर में जाकर अपना कार्ड बनवा रहे हैं। कार्ड बनवाने के लिए पीपीपी साथ लेकर जानी अनिवार्य है, जिसमें परिवार के प्रत्येक सदस्य की बायोमेट्रिक पर अंगूठे दर्ज हो रहे हैं। जिले में लगभग 1200 सीएससी सेंटर हैं, जिनमें से 580 सीएससी सेंटरों को यूजर आईडी पासवर्ड दिया हुआ है।
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ये रहेंगी उपचार की प्रक्रिया
आयुष्मान गोल्डन कार्ड के पात्रों को लाभ तभी मिलेगा जब वे अस्पताल में दाखिल होंगे। इसके लिए मरीज को अस्पताल में दाखिल होने के अपना गोल्डन कार्ड अस्पताल के स्टाफ को दिखाना होगा, जिसमें उनके कार्ड का ऑनलाइन रिकॉर्ड जांचा जाएगा। इसके बाद मरीज का उपचार पांच लाख रुपये तक निशुल्क किया जाएगा। हालांकि निजी अस्पताल को सरकार की ओर से यह राशि उपलब्ध करवाई जाएगी।
किन-किन बीमारियों को किया है शामिल
आयुष्मान योजना के तहत नागरिकों की सुविधा के लिए अस्पतालों को पैकेज बांटे गए हैं। योजना में लाभार्थियों के लिए कुल 1370 ट्रीटमेंट पैकेज रिजर्व हैं। इनमें कार्डियोलोजी, कैंसर, यूरोलॉजी, सर्जिकल ऑनकोलॉजी, मेंटल डिसऑर्डर, रेडिएशन ऑनकोलॉजी आदि अन्य बड़ी बीमारियों को शामिल किया है। इन 1370 ट्रीटमेंट पैकेज का लाभ सिर्फ अस्पताल में एडमिट मरीज को ही मिलेगा।
पिछले एक साल से छाती में इंफेक्शन है, जिसके उपचार के लिए निजी अस्पतालों के चक्कर काट रहा है। मेरा आयुष्मान कार्ड तो बना हुआ है, लेकिन बायोमेट्रिक अपडेट नहीं होने की वजह से कार्ड का लाभ नहीं मिल पा रहा है। नागरिक अस्पताल में पिछले दो महीने से लगातार आ रहा हूं, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
- सुबोध राम, आजाद नगर।
मेरी पत्नी का हांसी के एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। जोकि आयुष्मान योजना के तहत पैनल पर है। लेकिन मेरे आयुष्मान कार्ड में बायोमेट्रिक प्रक्रिया अपडेट नहीं है जिसकी वजह से कार्ड मान्य नहीं बताया जा रहा। कार्ड को अपडेट करवाने के लिए तीन माह से चक्कर लगा रहा हूं, लेकिन अब तक ठीक नहीं हुआ है।
- नरेश, नाथुवास।
जो भी आयुष्मान के लाभार्थी है उनकी सूची आशा वर्कर, सरपंच और पार्षद को दी गई है। जहां से वे अपनी जानकारी ले सकते है। आयुष्मान कार्ड के लिए पीपीपी व आधार कार्ड में बायोमेट्रिक अपडेट होनी जरूरी है। अगर अपडेट नहीं है तो लाभार्थी नागरिक अस्पताल के हेल्प डेस्क पर आकर अपडेट करवा लें। निदेशालय से यहां वेरीफाई होगी, जिसके कारण कार्ड बनकर आएंगे।
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- डॉ. रघुवीर शांडिल्य, सिविल सर्जन।
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