ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को अब तक का सर्वाधिक मुआवजा देने के दावों की धज्जियां उड़ने लगी हैं। जिले के धारवानवास गांव के किसानों ने प्रशासन की गिरदावरी रिपोर्ट को फर्जी करार दिया है। मुआवजा राशि पर असंतोष जताते हुए गांव के 48 किसानों ने चेक लौटा दिए हैं। मंगलवार को उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर किसानों ने सही मुआवजा न मिलने पर आत्महत्या करने की धमकी दी है। किसानों ने कहा कि वह कर्ज में डूबे हैं और उन्हें नुकसान का सही मुआवजा नहीं मिला तो मजबूरन ‘गजेन्द्र’ बनना पड़ जाएगा।तोशाम उप मंडल के गांव धारवानवास में किसानों के चने की फसल बर्बाद हुई है। किसानों का दावा है कि मौसम की मार से उनकी 70 प्रतिशत से अधिक फसल नष्ट हो गयी है। तहसील प्रशासन की टीम ने बीते 2 अप्रैल को गांव के निरीक्षण में भी ग्रामीणों के समक्ष इसे स्वीकार किया था। आश्वासन दिया था कि किसानों को इसी के अनुसार नुकसान का मुआवजा मिलेगा। पिछले दिनों तब राजस्व 9विभाग की टीम मुआवजा बांटने पहुंची तो चेक देख किसानों के होश उड़ गए। किसी को पांच सौ तो कइयों के हजार, डेढ़ हजार के चेक बने हैं। ऊंट के मुंह में जीरा के बराबर मुआवजा राशि देख भड़के किसानों ने चेक लेने से इनकार कर दिया। मौके पर ही टीम को 48 किसानों ने चेक लौटा दिया। तहसील प्रशासन से मुआवजे पर आपत्ति भी जताई, मगर कोई सुनवाई न होने पर मंगलवार को किसान लघु सचिवालय पहुंचे। यहां उपायुक्त की अनुपस्थिति में सीटीएम को ज्ञापन सौंपा और गांव की गिरदावरी रिपोर्ट को दुरुस्त करने की मांग की। किसानों ने खेती के लिए लिये गए कर्ज का हवाला देते हुए शीघ्र मुआवजा दिलाने की गुहार लगाई। कहा कि अगर उन्हें सही मुआवजा नहीं मिला तो वह आत्महत्या को मजबूर होंगे।