दिनभर धूप खिली तो देर सायं साढ़े सात बजे अचानक मौसम बदला और अंधड़ के साथ हलकी बूंदाबांदी शुरू हो गई। बवानीखेड़ा के जमालपुर में ओले गिरे। अंधड़ में अनेक जगह बिजली के तार टूट गए, जिससे शहर की बत्ती गुल हो गई। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार बरसात फसलों के लिए फायदेमंद है तो ओले नुकसानदायक।
शुक्रवार को दिनभर मौसम साफ रहा। अधिकतम तापमान 33 डिग्री रहा तो न्यूनतम तापमान 20 डिग्री। देर सायं करीब साढ़े सात बजे अचानक मौसम में बदलाव आया और तेज अंधड़ शुरू हो गया। अंधड़ के साथ बूंदाबांदी भी हुई। सायं साढ़े सात बजे अंधड़ के साथ ही बिजली काट दी गई। कई जगह तार टूटने के भी समाचार है। रात करीब साढ़े आठ बजे तक बिजली बहाल नहीं हो पाई थी। हालांकि अंधड़ से अभी तक कोई बड़ा नुकसान होने का समाचार नहीं है। बवानीखेड़ा के कई गांवों में अचानक अंधड़ के साथ ओले गिरने लगने। मौसम में ठंड़क भी बढ़ी। तोशाम में तेज आंधी के साथ बरसात हुई। बहल में आंधी के साथ हलकी बरसात हुई।
इन गांवों में हुई ओलावृष्टि
बवानीखेड़ा के गांव जमालपुर, बोहल, सीपर, पपोसा, जीताखेड़ी व सुंदर नहर के पास में काफी ओलावृष्टि हुई। आशंका जताई जा रही है कि इन क्षेत्रों में ज्यादा ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है।
बरसात फायदेमंद, ओलो से नुकसान
इस मौसम में बरसात किसानों के लिए फायदेमंद है। मगर ओले नुकसानदायक है। कृषि विज्ञान केंद्र के डा. विनोद ने बताया कि ओलो से पौधे टूट जाते है। जिससे फसलों में काफी नुकसान होता है। फिलहाल गेहूं और सरसों की फसल में दाने बन रहे है। ऐसे में बरसात फसलों के लिए फायदेमंद साबित होगी।
शहर में रही ब्लैक आउट की स्थिति
देर शाम आए अधंड़ के चलते बिजली व्यवस्था काफी प्रभावित हुई। इस कारण से शहर में लगभग ब्लैक आउट की स्थिति पैदा हो गई। हालांकि देर रात तक कई क्षेत्रों की बिजली सप्लाई सुचारू कर दी गई। मगर कई क्षेत्रों के लोगों को रात अंधेरे में ही गुजारनी पड़ी। उधर ऐसे ही हालात ग्रामीण क्षेत्रों में भी रहे।