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17 तक ओबीसी में आरक्षण नहीं मिला तो फिर होगा आंदोलन

Tue, 15 Mar 2016 01:27 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला
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धरना देकर रोष जताया - फोटो : अमर उजाला
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ओबीसी में आरक्षण, दंगों की हाईकोर्ट से जांच और जांच पूरी नहीं होने तक गिरफ्तारियों पर रोक लगाने की मांग को लेकर जाट बिरादरी के लोग गरजे। लघु सचिवालय के बाहर धरना देकर रोष जताया और चेतावनी दी कि 17 मार्च तक उनकी मांग नहीं मानी तो फिर से आंदोलन होगा। जाट बिरादरी के लोगों ने अपना सात सूत्री मांग पत्र भी डीसी को सौंपा। जाट बिरादरी के धरने के दौरान किसी अप्रिय घटना की आशंका के चलते पुलिस अलर्ट रही। धरनास्थल के पास पुलिस फोर्स होने के अलावा भारी पुलिस फोर्स शहर में लगातार गश्त करती रही।
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सोमवार को पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत अपनी मांगों को लेकर जाट बिरादरी के लोग लघु सचिवालय के बाहर एकत्रित हुए। सुबह 10 बजे लोग जुटना शुरू हुए। वक्ताओं ने रोष जताते हुए उन्हें उनके अधिकार दिए जाने की मांग की। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य और प्रदेश उपाध्यक्ष शेर सिंह रतेरा, प्रधान राजमल, कोर कमेटी सदस्य कैप्टन रामचंद्र ने कहा कि पिछले डेढ़ साल से सांसद राज कुमार सैनी समाज में जहर घोल रहे हैं। उसके खिलाफ देश द्रोह का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। उन्हें विशेष कोर्ट की बजाए ओबीसी में शामिल किया। इसके तहत बीसी के कोटे को बढ़ाया जाए। आरक्षण में उपद्रव फैलाने के नाम पर हो रही गिरफ्तारियों पर रोक नहीं लगी तो फिर से आंदोलन किया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि आगजनी और तोडफ़ोड़ में अधिकतर नुकसान जाट बिरादरी के लोगों का ही हुआ है। शोरूम,  दुकानें उनकी जली, फिर भी एकतरफा कार्रवाई करते हुए उन्हीं के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए है। वक्ताओं ने कहा कि सिर्फ जाट बिरादरी को बदनाम करने की साजिश है। जाट नेताओं ने चेतावनी दी कि 17 तक उनकी मांग नहीं मानी गई तो फिर से आंदोलन होगा। डीसी पंकज कुमार लोगों के बीच पहुंचे और ज्ञापन लेते हुए भाईचारा बनाये रखने का आह्वान किया। इस मौके पर वेदपाल ढिल्लो, दलबीर सिंह जताई, सत्यजीत पिलानिया एडवोकेट, अनिल नेहरा, बार एसोसिएशन के उप प्रधान सुमित श्योराण आदि ने विचार रखे।

नहीं मनाएंगे होली, मृतकों के परिजनों की करेंगे आर्थिक मदद
जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसक घटनाओं, आगजनी व युवाओं की मौत के बाद श्योराण खाप और सांगवान खाप ने होली नहीं मनाने का फैसला किया है। यह बात सभा में रखते हुए एडवोकेट आनंद श्योराण ने बताया कि दोनों खापों ने फैसला किया है कि आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों के परिजनों की भी आर्थिक मदद की जाएगी। मृतकों में यह नहीं देखा जाएगा कि मरने वाला जाट था या नॉन जाट। सभी की मदद की जाएगी।
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शहर में अलर्ट रही पुलिस फोर्स
शहर के घंटाघर चौक, हांसी गेट चौक, लघु सचिवालय के बाहर भारी पुलिस फोर्स नजर आई। आरएएफ व स्थानीय पुलिस की रिजर्व बटालियन लगातार शहर में गश्त करती रही। लघु सचिवालय के बाहर, रेस्ट हाउस के पास भी पुलिस फोर्स तैनात रही।

ये है मुख्य मांग
*  जाट समुदाय को पिछड़ी जाती में घोषित करते हुए ओबीसी में आरक्षण दिया जाए।
* आरक्षण आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमें वापस लिए जाए और हाईकोर्ट से जांच करवाई जाए। जांच नहीं होने तक गिरफ्तारियों पर रोक लगाई जाए।
* राज कुमार सैनी पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाए, मंत्रियों, विधायकों, सांसदों की ओर से किए जा रहे दुष्प्रचार पर रोक लगाई जाए।
* जाट बिरादरी के अधिकारियों, कर्मचारियों को प्रताड़ित करना बंद किया जाए।
* रोहतक में वकीलों पर हुए हमले की जांच करवाई जाए
* एमडीयू में हुई घटना की जांच करवाई जाए


जाटों ने रोष मार्च निकाल कर सीएम को ज्ञापन भेजा
बाढड़ा। जाट आरक्षण की मांग को लेकर अनेक संगठनों के पदाधिकारियों ने अपनी मांगों को लेकर कस्बे में रोष मार्च निकाल कर तहसीलदार के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजा। जाट आरक्षण संघर्ष समिति अध्यक्ष प्रदीप बाढड़ा ने कहा कि जाट आरक्षण मौजूदा समय की सबसे बड़ी जरूरत है। रोष मार्च में पूर्व चेयरमैन छैलूराम, जिला पार्षद अनिल, धर्मपाल, व्यापार मंडल अध्यक्ष रामकिशन फौजी, हरपाल, सज्जन सिंह, बलजीत, राजकपूर आदि मौजूद थे।

प्रकाश सिंह जांच कमेटी की बैठक आज
भिवानी। जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई तोड़फोड़, आगजनी की घटनाओं की जांच के लिए राज्य सरकार की ओर से गठित प्रकाश सिंह जांच कमेटी की 15 मार्च को लोक निर्माण विश्राम गृह में बैठक करेगी। उपायुक्त पंकज ने बताया कि बैठक में जिला के सभी उपमंडलों के उपमंडल अधिकारी(ना.) और विभिन्न वर्गों के जनप्रतिनिधि भाग लेंगे।
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