आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग को लेकर जाट समुदाय के लोग सोमवार को ज्ञापन देंगे। दंगों के बाद जाट बिरादरी की ओर से जिले में यह पहली प्रतिक्रिया है। लिहाजा, किसी भी अप्रिय घटना को टालने के लिए जिला प्रशासन चौकन्ना हो गया। रविवार सुबह पुलिस मॉक ड्रिल कर अपनी तैयारियां का आंकलन किया। इस बीच, शांति और सौहार्द के लिए हर थाने क्षेत्र के प्रभारी ने इलाके के मौजिज लोगों से मशविरा किया और शांति के लिए मदद मांगी।
पूर्व घोषित प्रदेशव्यापी कार्यक्रम के मुताबिक जाट बिरादरी के लोग सोमवार सुबह लघु सचिवालय के बाहर धरना देंगे। इसके बाद ज्ञापन देंगे। जाट बिरादरी की मांग है कि आंदोलन के दौरान निर्दोष लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए। अब पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर तंग कर रही है। सरकार निर्दोष लोगों के खिलाफ बनाए गए मुकदमे वापस ले। यदि 72 घंटों के भीतर सरकार ने उनकी मांग नहीं मानी तो फिर वे अपना आंदोलन तेज करेंगे। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिला अध्यक्ष होशियार सिंह जताई ने बताया कि सुबह दस से लेकर एक बजे तक लघु सचिवालय के बाहर धरना और इसके बाद ज्ञापन दिया जाएगा। यदि 18 मार्च तक मांग नहीं मानी तो वे धरना देंगे। धरनास्थल का चयन अभी फाइनल नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि ओबीसी में जाटों को आरक्षण से कम हमें कतई मंजूर नहीं है।
साढ़े तीन घंटे की मॉक ड्रिल
पुलिस लाइन में सुबह सात बजे से करीब साढ़े 10 बजे तक पुलिस कर्मचारियों ने डीएसपी विजय देसवाल की देखरेख में मॉक ड्रिल कर पसीना बहाया। पुलिस ने दंगे रोकने, उपद्रवियों को काबू करने, आमजन की सुरक्षा करते हुए उपद्रवियों को रोकने का अभ्यास किया।
भाईचारा बनाये रखे सभी बिरादरी
जाट आरक्षण को लेकर 14 मार्च को जाट समाज की ओर से जिलास्तर पर ज्ञापन सौंपने के कार्यक्रम के दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना न हो इसके लिए सिविल लाइन थाना में विभिन्न बिरादरी के मौजिज लोगों की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए एसएचओ जय सिंह ने कानून व्यवस्था बनाए रखना हम सभी का नैतिक कर्तव्य बनता है। इस प्रकार के कार्यक्रमों के दौरान कुछ स्वार्थी व बदमाश किस्म के लोग माहौल बिगाड़ने की फिराक में रहते हैं। इसलिए एक सभ्य समाज के नागरिक होने के कारण हमारा कर्तव्य बनता है कि ऐसे लोगों के मंसूबे कभी पूरे न होने दें और उनकी साजिश को पूरा न होने दें। उन्होंने बैठक में उपस्थित प्रबुद्ध लोगों से आह्वान किया कि प्रदर्शन के दौरान इस प्रकार ऐसे लोगों पर नजर रखे और इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना पर काबू पाया जा सके।