भिवानी। पार्षद सतेंद्र मोर अब नगर परिषद के उप प्रधान होंगे। उप प्रधान के चुनाव में उन्होंने 19 वोट लेकर अपने प्रतिद्वंद्वी अंकुर कौशिक को छह वोट से हराया। बेशक यह गैर राजनीतिक चुनाव था मगर भाजपाई दो धड़ों में बंटे नजर आए। चुनाव के बाद सतेंद्र मोर के समर्थकों ने खुशी जताई। सतेंद्र मोर ने कहा कि चेयरपर्सन प्रीति भवानी प्रताप के साथ मिलकर और सभी पार्षदों को साथ लेकर शहर के विकास में योगदान करेंगे।
दो दफा बैठक टलने के बाद बुधवार को डीआरडीए सभागार में नगर परिषद के उप प्रधान का चयन के लिए एक बार फिर मंच सजा। चेयरपर्सन प्रीति के अलावा सभी 31 पार्षद पहुंचे। चुनावी प्रक्रिया एसडीएम संदीप अग्रवाल की अध्यक्षता में शुरू हुई। एक नाम पर सहमति पहले ही नहीं बनी थी तो दो पार्षदों वार्ड पांच से अंकुर कौशिक और वार्ड 31 से सतेंद्र मोर ने पर्ची डाल दावेदारी की। जिसके बाद ईवीएम से वोटिंग का निर्णय लिया। एक-एक सभी पार्षदों और चेयरपर्सन ने मतदान किया। करीब आधे घंटे बाद ही सबके सामने काउंटिंग हुई। जिसमें सतेंद्र मोर को 19 मत मिले जबकि अंकुर कौशिक को 13 वोट मिले। इस तरह सतेंद्र मोर ने छह वोट से जीत हासिल की। सतेंद्र मोर के चुनाव जीतते ही उनके समर्थक जीत के जश्न में झूम उठे। फूल मालाएं पहनाकर उन्हें सम्मानित किया।
दो धड़ों में बंटे भाजपाई
चुनाव के लिए भाजपा ने किसी का समर्थन नहीं किया था। आला कमान से भी कोई निर्देश नहीं आए और सांसद-विधायक की सक्रियता भी नहीं रही। इस कारण पार्षद भी दो धड़ों में बंटे नजर आए। भाजपा के कुछ पार्षद सतेंद्र मोर के साथ थे तो कुछ अंकुर कौशिक के साथ। अंकुर कौशिक के पिता प्रदीप कौशिक भी पार्षद हैं और वे पहले उप प्रधान भी रहे हैं।
दो बार पार्षद बन पहना उप प्रधानी का ताज
सतेंद्र मोर इस दफा दूसरी बार पार्षद बने हैं, जबकि एक दफा उनकी पत्नी बाला देवी पार्षद बनी हैं। सतेंद्र मोर वर्ष 2005 में पार्षद बने थे। वर्ष 2010 में उनकी पत्नी बाला देवी पार्षद बनी। अब 2022 में सतेंद्र मोर फिर से पार्षद बने हैं।
यह गैर राजनीतिक चुनाव था। सांसद, विधायक का धन्यवाद करूंगा कि उनकी बदौलत चुनाव भाईचारे के साथ संपन्न हुआ। अब चेयरपर्सन के साथ मिलकर और सभी पार्षदों को साथ लेकर शहर के विकास कार्यों में अपना योगदान दूंगा। सभी पार्षदों का भी आभार, जिन्होंने मुझ पर विश्वास जताया।
-सतेंद्र मोर, नवनिर्वाचित उप प्रधान
यह गैर राजनीतिक चुनाव था और पार्षदों ने भाईचारे के साथ अपना उम्मीदवार चुना है। इसमें न कोई भाजपा का उम्मीदवार था और न ही किसी अन्य दल का। यह पार्षदों का आपसी चुनाव था। चुनाव शांतिपूर्ण रहा और विजेता रहे सतेंद्र मोर को जीत पर बधाई।
-प्रीति भवानी प्रताप, चेयरपर्सन
नगर परिषद
उपायुक्त नरेश नरवाल के निर्देशानुसार हरियाणा म्यूनिसिपल एक्ट 1973 की धारा 15, 18 व 24 से 30 तथा हरियाणा नगर पालिका अधिनियम 1978 के नियम 70 से 72बी के अंतर्गत उप-प्रधान का चुनाव करवाया गया है। सभी पार्षदों ने ईवीएम मशीन के माध्यम से उप-प्रधान पद के लिए मतदान किया। वार्ड नंबर पांच से पार्षद अंकुर कौशिक व वार्ड नंबर 31 से पार्षद सतेंद्र सिंह ने उप प्रधान पद के लिए अपना पर्चा भरा। ईवीएम मशीन के माध्यम से हुई चुनाव प्रक्रिया में पार्षद सतेंद्र सिंह को 19 वोट तथा अंकुर कौशिक को 13 वोट प्राप्त हुए। इस तरह सतेंद्र सिंह को उप प्रधान चुना गया।
-संदीप अग्रवाल, एसडीएम