फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

क्यूआर कोड भेजकर 99 हजार की ठगी मामले में एक नाबालिग सहित दो अन्य आरोपी गिरफ्तार

विज्ञापन
09 फोटो साइबर थाना पुलिस द्वारा पकड़े गए धोखाधड़ी करने के आरोपी। संवाद - फोटो : Bhiwani
विज्ञापन
भिवानी। क्यूआर कोड भेजकर तोशाम क्षेत्र के एक व्यक्ति से 99 हजार रुपये की ठगी मामले में भिवानी साइबर क्राइम पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया वहीं एक नाबालिग को पुलिस अभिरक्षा में लिया है। तीनों ही सगे भाई हैं। तीनों भाइयों ने अपने एक दोस्त के साथ मिलकर ऑनलाइन ठगी की गैंग भी बनाई है। जिसके तार मेवात से जुड़े हैं। साइबर क्राइम पुलिस की टीम ने आरोपियों से खाते से निकाली गई 43 हजार रुपये की नकदी और एक फर्जी आधार कार्ड भी बरामद किया है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि तीनों भाई नशे की तलब मिटाने के लिए लोगों के खाते से धोखाधड़ी कर पैसे निकाल लेते थे।
विज्ञापन

तोशाम क्षेत्र के खरकड़ी माखवान निवासी दीपक ने तोशाम पुलिस थाना में 25 मई 2021 को शिकायत दी थी। जिसमें उसने बताया था कि उसके बैंक खाता से 99 हजार रुपये निकल गए हैं। इस संबंध में पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था। जिसके बाद सीआईए पुलिस ने भी अपना जाल बिछाया, मगर आरोपी पकड़ में नहीं आए। अब मामला साइबर क्राइम पुलिस थाना में पहुंचा तो तीनों पकड़े गए।
भिवानी साइबर क्राइम पुलिस थाना के एएसआई विजय कुमार ने बताया कि तोशाम के दीपक ने शिकायत दी थी कि उसके खाते से कुल 99000 रुपये दो बार में धोखाधड़ी से निकाले गए थे। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मेवात जिले के पुन्हा थाने के अंतर्गत गांव खेड़ा से तीन सगे भाइयों को पकड़ा। जिनमें एक नाबालिग लड़का है। उसे फरीदाबाद की जुवेनाइल जस्टिस कोर्ट में पेश किया गया। जिसके बाद उसे सुधार गृह भेजा गया है। इसके अलावा उसके दो सगे भाइयों से पुलिस ने पूछताछ के बाद 43 हजार रुपये की नकदी बरामद की है।
विज्ञापन

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मेवात जिले के सरफराज व अंसार के रूप में हुई है। जिन्हें झज्जर के बेरी से गिरफ्तार किया गया है। एएसआई विजय कुमार ने बताया कि आरोपी अंसार को न्यायालय में पेश कर उसका दो दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया। इस दौरान पूछताछ में आरोपी से 43 हजार की नकदी और एक फर्जी आधार कार्ड बरामद हुआ है। आरोपी सरफराज ने बताया कि तीनों सगे भाई हैं। वहीं आरोपी सरफराज ने फर्जी आईडी तैयार कर धोखाधड़ी करने के लिए सिम कार्ड उपलब्ध कराई थी। आरोपी अंसार धोखाधड़ी का मास्टरमाइंड है।
आरोपी अंसार द्वारा धोखाधड़ी की रकम केनरा बैंक एक फर्जी खाते में डाली गई थी। इस रकम को भरतपुर राजस्थान से निकलवाया गया था। साइबर क्राइम की टीम को अब इस गैंग के दूसरे मुख्य आरोपी और आरोपियों के भाई साहिल की भी तलाश है। जिसके लिए संबंधित जगहों पर छापामारी की जा रही है। जिन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। आरोपी अंसार व आरोपी सरफराज को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जिला कारागार भेजने के आदेश हुए हैं।
अनजान के कहने पर फोन पर आए क्यूआर कोड को न करें स्कैन
साइबर क्राइम पुलिस थाना के एएसआई विजय कुमार ने लोगों से अपील की है कि फोन पर किसी भी प्रकार का अनजान द्वारा भेजा गया क्यूआर कोड स्कैन न करें। वहीं आपातकालीन परिस्थितियों का हवाला देकर अगर कोई रिश्तेदार या दोस्त आपसे पैसे मांग करता है तो उस रिश्तेदार या दोस्त के पास फोन करके पहले यह सुनिश्चित करें कि फोन करने वाला असल में आपका दोस्त या रिश्तेदार हैं या नहीं। आपकी सावधानी ही आपका बचाव है। किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर 1930 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें