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घायल युवक ने तोड़ा दम, ग्रामीणों ने शव रखकर 8 घंटे हाईवे जाम लगाया

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भिवानी। नेहरू पार्क के सामने 14 सितंबर को हुए छात्र गुटों के झगड़े में घायल खरक कलां के छात्र मनीष (20) ने पीजीआई में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। जिसके बाद गुस्साए गांव खरक कलां के ग्रामीणों ने गांव के मुख्य बस स्टैंड पर अवरोधक डाल नेशनल हाईवे को जाम कर आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया तो तनाव बढ़ गया। ग्रामीणों और पुलिस में तीखी नोक-झोंक हुई। शाम करीब छह बजे शव गांव में पहुंचा तो माहौल गमगीन होने के साथ तनावपूर्ण भी हो गया। इसके बाद ग्रामीणों ने शव को वहीं रखकर रोष जताया। रात 9.40 बजे ग्रामीणों ने डीएसपी विरेंद्र सिंह द्वारा सभी आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन देने पर जाम हटाया। इस दौरान भारी पुलिस फोर्स मौके पर तैनात रही।
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उल्लेखनीय है कि बीते बुधवार 14 सितंबर को दोपहर करीब साढ़े 12 बजे नेहरू पार्क के सामने दो छात्र गुटों में झगड़ा हो गया था। एक गुट के छात्र वैश्य कॉलेज से लौट रहे थे तो हथियारों के साथ आए दूसरे गुट के छात्रों ने हमला कर दिया था। करीब 10 मिनट तक झगड़ा चला। पुलिस के पहुंचने से पहले हमलावर मौके से फरार हो गए। हमले में एक गुट के करीब छह छात्र घायल हो गए। जिनमें खरक कलां वासी मनीष की हालत गंभीर होने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद उसे पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया।
रविवार सुबह करीब 11 बजे घायल ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। रविवार को शव का पोस्टमार्टम हुआ। इसी मामले में खफा ग्रामीणों ने दोपहर करीब दो बजे खरक कलां गांव के मुख्य बस स्टैंड के पास पिलानी-दिल्ली नेशनल हाईवे 709 को जाम कर दिया। ग्रामीणों ने वैकल्पिक रास्तों पर भी जाम लगा दिया। मुख्य जाम गांव के बस स्टैंड के सामने रहा। वहीं ग्रामीणों ने सरकारी स्कूल के पास, केलंगा मोड़ पर भी अवरोधक पदार्थ डाल जाम लगा दिया। जाम की सूचना पर खरक कलां चौकी पुलिस, सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया मगर ग्रामीण आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। इस बात को लेकर पुलिस और ग्रामीणों में तीखी नोक-झोंक भी हुई। बाद में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस फोर्स को मौके पर भेजा गया। जाम मुख्य मार्ग पर होने के कारण मार्ग के दोनों ओर करीब दो से तीन किलोमीटर तक वाहनों की कतार लग गई।
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दो कॉलेज के छात्रों में है विवाद
विवाद दो कॉलेजों वैश्य कॉलेज और महाराजा नीमपाल गवर्नमेंट कॉलेज के विद्यार्थियों के बीच है। मनीष वैश्य कॉलेज में पढ़ता था जबकि हमला करने वाले गुट के मुख्य आरोपी तरुण महाराजा नीमपाल गवर्नमेंट कॉलेज में बीए फाइनल का छात्र है। झगड़े की शुरुआत करीब डेढ़ माह पूर्व हुडा पार्क के सामने हुई। जब वैश्य कॉलेज के छात्रों ने तरुण की पिटाई कर दी। हालांकि इस मामले में दोनों पक्षों में समझौता भी हो गया था। मगर एक पक्ष रंजिश रखे था। इसी रंजिश में 14 नवंबर को खरक कलां वासी मनीष और उसके साथियों पर लाठी-डंडों और नुकीले हथियारों से हमला किया गया।
ये हुए थे हमले में घायल
झगड़े में एक गुट से बवानीखेड़ा वासी मोहित, खरक कलां वासी मनीष, धनाना वासी बंशु, गांव सैय वासी जोगेंद्र व दो अन्य घायल हुए थे। आरोप तरुण, रीतिक और उसके 15-16 साथियों पर लगे थे। पुलिस ने उसी दिन मामला दर्ज कर लिया था।
छात्र की मौत की सूचना के बाद मुख्य आरोपी को लेकर थाने पहुंचे परिजन
झगड़े में घायल खरक कलां वासी छात्र मनीष की मौत की सूचना मिलने के बाद आरोपी छात्र तरुण को लेकर उसके परिजन शहर थाना पहुंचे और पुलिस के सुपुर्द किया। परिजन एडवोकेट संजय तंवर ने बताया कि जैसे ही हमें सूचना मिली कि मनीष की मौत हो गई, हम तुरंत तरुण को साथ लेकर थाने आ गए। तरुण व उसके साथियों की नीयत हत्या की नहीं थी। मनीष की मौत का हमें भी बहुत अफसोस है।
माता-पिता ने खोया इकलौता लाल
वैश्य कॉलेज में स्नातक द्वितीय वर्ष का छात्र मनीष परिवार का सहारा था। मनीष के पिता कप्तान सिंह फर्नीचर मिस्त्री है। मनीष दो बहन-भाइयों में बड़ा था। उसकी बहन छोटी है। मनीष की मौत से पूरा परिवार सदमे में है। माता-पिता ने जहां अपना इकलौता लाल खो दिया है वहीं उसकी बहन ने इकलौता भाई। मनीष की मौत से पूरे गांव में मातम का माहौल है।
जाम में फंसी बसें, यात्रियों ने किया पैदल सफर
ग्रामीणों ने गांव के बस स्टैंड पर जाम लगाने के साथ वैकल्पिक मार्गों पर भी जाम लगाया। तीन जगह रास्ते रोके। जिस कारण राहगीरों के पास कोई विकल्प नहीं बचा। जाम दिल्ली-पिलानी हाईवे पर होने के कारण हजारों वाहन जाम में फंसे रहे। औसतन हर रोज 50 हजार से अधिक वाहन इस मार्ग से गुजरते है। मगर पांच घंटे के जाम ने सारी परिवहन व्यवस्था ही बिगाड़ दी। भिवानी ही नहीं हरियाणा, राजस्थान, पंजाब रूट की भी दर्जनों बसें जाम में फंसी नजर आई। जाम के कारण अधिकतर यात्रियों ने पैदल सफर किया। यात्री बसों से उतरकर पैदल ही गांव बामला तक आए। यहां से अनेक ऑटो के माध्यम से भिवानी पहुंचे। ऑटो चालकों ने किराया भी खूब वसूला। एक ओर बस में जहां भिवानी से बामला तक जाने के 10 रुपये लगते है, वहीं ऑटो चालकों ने 50 से 100 रुपये प्रति यात्री वसूले।
छात्र गुटों के बीच झगड़े के मामले में उसी दिन मामला दर्ज कर लिया था। आज छात्र मनीष की उपचार के दौरान पीजीआई में मौत हो गई है। जिसके बाद धाराएं अपडेट की जा रही है। आरोपी छात्र पुलिस की रडार पर है और शाम तक गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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-इंस्पेक्टर हरिओम, एसएचओ, शहर थाना
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