भिवानी। खुद को कमांडेंट बताकर सशस्त्र सीमा बल के एक जवान को पांच लाख रुपये की चपत लगाए जाने का मामला सामने आया है। जवान ने मामले की शिकायत भिवानी पुलिस अधीक्षक को दी। जिसके बाद साइबर क्राइम पुलिस थाना में धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ है।
साइबर क्राइम पुलिस थाना में दी शिकायत में सोमबीर सिंह ने बताया कि वह सशस्त्री सीमा बल में तैनात है। उसके पास एक फोन आया और उसका नाम लेकर हालचाल पूछने लगा। काफी देर तक बातें हुईं मगर वह कौन है यह नहीं पहचान पाया। उसके कमांडेंट की आवाज जैसी आवाज लगी तो उसने आरोपी से पूछा कि आप डॉ. भरत कुमार बोल रहे हो। उसने हां भर दी और फिर बातें करने लगे। इसी दौरान उसने वेदांता अस्पताल के बारे में पूछा और उसे बताया कि उसके मामा का लड़के का एक्सीडेंट हो गया है और वह वहां दाखिल है। उसके इलाज में आठ-दस लाख रुपये लगेगा। उसकी यूपीआई ट्रांजेक्शन आज की लिमिट खत्म हो गई है। इसलिए कुछ पैसे भिजवा रहा हूं अस्पताल में भेज देना।
उसने इसी तरह उसे बातों में लेकर मदद के नाम पर खुद व उसके दोस्तों से एकत्रित कराकर करीब पांच लाख रुपये ट्रांजेक्शन करा लिए। वह अपने कमांडेंट की संकट में मदद करना चाहता था। लेकिन बाद में जब उसने फोन किया तो डॉ. भरत कुमार ने बताया कि उसने कोई पैसा नहीं लिया और इस तरह से फ्रॉड होने पर तुरंत ऑफिस बुलाकर इसकी शिकायत साइबर पोर्टल पर करा दी। जिसके बाद मामले की शिकायत भी पुलिस अधीक्षक को दी। साइबर अपराध पुलिस थाना ने सैनिक की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
बैंक ग्राहक सेवा केंद्र के लिए किया था आवेदन, फोन पर विवरण मांग लगाई 1,30000 रुपये की चपत
भिवानी। बैंक ग्राहक सेवा केंद्र के लिए आवेदन करने वाले एक युवक को सेवाएं चालू कराने के लिए पैसे जमा कराने के लिए फोन आए। जिसके बाद उसे 130000 रुपये की चपत लग गई। पीड़ित युवक ने मामले की शिकायत बवानीखेड़ा पुलिस में दी। पुलिस ने इस संबंध में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। बवानीखेड़ा पुलिस को दी शिकायत में वार्ड सात निवासी छत्रपाल सिंह ने बताया कि उसने फेसबुक पर आए एक लिंक के माध्यम से बैंक ग्राहक सेवा केंद्र के लिए आवेदन किया था।