भिवानी। गांव बापोड़ा में भैंसों को जोहड़ से निकालने के दौरान एक व्यक्ति की पानी में डूबने से मौत हो गई। डूबने की सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और जोहड़ में शव की तलाश शुरू की, मगर काफी प्रयासों के बाद भी शव नहीं मिला तो पुलिस के गोताखोर बुलाने पड़े। करीब 11 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शव पानी से निकाला। शुक्रवार सुबह शव का नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया।
गांव बापोड़ा निवासी राजेश (45) गांव में ही मेहनत-मजदूरी का काम करता था। राजेश पांच बच्चों का पिता था, उसकी तीन बड़ी बेटियां व दो छोटे बेटे हैं। रक्षाबंधन पर वीरवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे राजेश भैंसों को पानी पिलाने के लिए गांव के जोहड़ पर गया था। काफी इंतजार के बाद भी भैंस पानी से बाहर नहीं आ रही थी तो उसने उसे पानी से बाहर निकालने का प्रयास किया। इसी दौरान राजेश का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में पहुंच डूब गया। राजेश को तैरना नहीं आता था। पानी में राजेश को डूबता देख ग्रामीणों ने इसकी सूचना परिजनों को दी। परिजन मौके पर पहुंचे और राजेश को पानी से बाहर निकालने के लिए तलाश शुरू कर दी। ग्रामीणों को कई घंटों की तलाश के बाद भी डूबे हुए राजेश का पानी में कोई सुराग नहीं लगा। जिसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी।
पुलिस के गोताखोरों ने भी वीरवार देर शाम तक पानी में सर्च अभियान चलाया। रात को अभियान बंद करना पड़ा। जिसके बाद शुक्रवार सुबह फिर से पुलिस के गोताखोर राजेश के शव की तलाश में पानी में करते रहे। करीब 11 बजे राजेश का शव जोहड़ में मिला। जिसके बाद सदर पुलिस उसे लेकर नागरिक अस्पताल पहुंची।
मृतक के भाई विजय ने बताया कि वे तीन भाई हैं। तीनों भाई अलग-अलग परिवार के साथ रहते हैं। जबकि राजेश भी अपने पांच बच्चों के साथ अलग रहता था। फिलहाल मृतक के भाई के बयान दर्ज कर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने इस संबंध में इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई की है।