भिवानी। शहरभर से अतिक्रमण हटाने का बीड़ा उठाने वाली भिवानी नगर परिषद अब खुद ही फुटपाथ पर कब्जा कर रही है। यह हम नहीं बल्कि बीएंडआर विभाग के अधिकारी कह रहे हैं। दरअसल फुटपाथ पर बनाए जा रहे सार्वजनिक शौचालय का काम बीएंडआर ने बीच में ही रुकवा दिया है। जिसके बाद बीएंडआर ने नगर परिषद से इस कार्य की एनओसी भी मांगी है। वहीं नगर परिषद अब तक शौचालय निर्माण पर लाखों का बजट भी खर्च कर चुका हैं, लेकिन ऐन वक्त पर एनओसी का पेंच फंसने से नप अधिकारियों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। अब न शौचालय बना है न अतिक्रमण हटा है। शौचालय नहीं बनने से आमजन को भी परेशानी हो रही है। शौचालय निर्माण को लेकर अब बीएंडआर और नगर परिषद के अधिकारी भी आमने-सामने आ खड़े हैं।
दूसरों को नसीहत खुद मियां फजीहत वाली कहावत इनदिनों नगर परिषद पर सटीक बैठ रही हैं, क्योंकि जनसुविधा के नाम पर नगर परिषद ने बीएंडआर की मुख्य सड़क की फुटपाथ पर ही सार्वजनिक शौचालय बनाने का काम शुरू कर दिया, जिस पर बीएंडआर विभाग के अधिकारियों ने एनओसी नहीं होने का हवाला देकर काम बीच में ही रुकवा दिया और इसे सीधे-सीधे फुटपाथ पर अतिक्रमण तक बता डाला। पिछले छह माह से न पब्लिक टॉयलेट बना है न फुटपाथ से अतिक्रमण हटा है। जबकि सरकार का भी लाखों रुपयों का बजट अब तक निर्माण पर खर्च हो चुका है।
10-10 लाख से बनाए जाने हैं चार शौचालय
नगर परिषद पिछली कार्यकारिणी में शहर में चार जगह टॉयलेट बनाने का मसौदे को मंजूरी दी थी। जिसमें प्रत्येक शौचालय पर करीब दस लाख रुपये का बजट खर्च किया जाना था। शहर के घंटाघर कृष्णा कॉलोनी मोड़ नागरिक अस्पताल की दीवार के साथ, रेलवे रोड नगर परिषद कार्यालय के सामने, बावड़ीगेट क्षेत्र व लोहारू रोड रेलवे ओवरब्रिज के समीप पब्लिक टॉयलेट बनाने के मसौदे को नप से मंजूरी मिल चुकी है। जिसका बजट भी आ चुका है। इसमें घंटाघर पुराने पब्लिक टॉयलेट को तोड़कर नए बनाने का ही काम शुरू हुआ था।
ये दे रहे हैं अधिकारी तर्क
शहर का आधा सरकुलर रोड बीएंडआर विभाग के दायरे में आता है, जबकि आधा सरकुलर रोड एनएच-रोहतक मंडल के अधीन है। सरकुलर रोड घंटाघर के समीप मुख्य सड़क की फुटपाथ है। इस फुटपाथ को छोड़कर नागरिक अस्पताल की बाहर की चाहरदीवारी के अंदर ये टॉयलेट बनाने की अनुमति दी गई थी, मगर नगर परिषद ने नागरिक अस्पताल की दीवार के बाहर फुटपाथ पर ही कब्जा जमा टॉयलेट बनाने का काम शुरू करा दिया। जिस पर बीएंडआर विभाग ने आपत्ति लगाते हुए काम रुकवा दिया और इसकी एनओसी नहीं दी।
अधिकारी बोले
नगर परिषद का यहां पहले से ही टॉयलेट बना हुआ था। करीब एक दशक पुराने टॉयलेट को तोड़कर नए टॉयलेट का निर्माण किया जा रहा है। काम लगभग पूरा हो चुका है। सिर्फ छत के लिए लेंटर और अन्य थोड़ा बहुत काम बाकी है। मगर बीएंडआर विभाग ने एनओसी लेने की बात कहकर काम बीच में ही रुकवा दिया है। अब तक न एनओसी मिली है न काम शुरू हो पाया है। बजट का कोई मामला नहीं है।
-आबिद हुसैन, जेई तकनीकी विंग, नगर परिषद भिवानी।
घंटाघर के समीप सड़क किनारे पब्लिक टॉयलेट बनाने के मामले में एनओसी नहीं दी जा सकती है। ये टॉयलेट नागरिक अस्पताल की दीवार के अंदर की तरफ बनाया जाना था। जबकि नगर परिषद दीवार के बाहर फुटपाथ पर पब्लिक टॉयलेट का निर्माण करा रहा है। यह सीधा-सीधा मुख्य सड़क की फुटपाथ पर अतिक्रमण की श्रेणी में आता है। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों के पत्र का जवाब भी भेजा जा चुका है।
-शशांक कुमार, एसडीओ बीएंडआर विभाग भिवानी।