पश्चिम बंगाल के कलयकुंदा से शुरू हुआ भारतीय वायु सेना का जोखिम भरा अभियान का पड़ाव कुछ घंटे के लिए धनाना गांव बना। वायुसेना की पैरा ग्लाइडर टीम रविवार को धनाना गांव में उतरी तो ग्रामीण रोमांचित हो उठे। पैरा ग्लाइडर को देखने के लिए गांव उमड़ पड़ा। यह पैरा ग्लाइडर टीम 45 दिनों में करीब 10 हजार किलोमीटर का सफर तय करेगी।
रविवार को गांव धनाना की अनाज मंडी में पैरा ग्लाइडर टीम के सदस्य उतरे। टीम लीडर विंग कमांडर एमपीएस सोलंकी ने बताया कि यह पैरा ग्लाइडर टीम 45 दिनों में करीब 10 हजार किलोमीटर का सफर तय करके विश्व रिकार्ड बनाएगी। उन्होंने बताया कि इससे पहले 9132 किलोमीटर के सफर का विश्व रिकार्ड था। भारतीय वायुसेना की टीम पैरामोर्टस स्काई राइर्ड्स जोखिम व साहस वाला काम करने के लिए हर समय तैयार है। यह विश्व रिकार्ड देश के शहीदों के नाम होगा। इस टीम में गांव धनाना गांव के सुंदर व चरखी दादरी के गांव बादल से कुलदीप संागवान के अलावा इस टीम में कैप्टन जीपी, विंग कमांडर रमाकांत, अंकुर यादव, मदान रेड्डी, मोतीलाल यादव, सीपीएल विशाल ठाकुर, कुलदीप सांगवान सपोर्ट टीम में धर्मबीर, राममेहर, इंकबाल सिंह, एमके विश्वास, पंकज कुमार, सुनील कुमार, आशीष बिष्ट, सुंदर सिंह शामिल थे।
कलयकुंदा में होगा समाप्त
यह पैरा ग्लाइडर का सफर एक फरवरी 2016 को पश्चिम बंगाल के कलयकुंदा से शुरू हुआ है और पश्चिम तट कन्याकुमारी, उत्तर के तट गुजरात की तरफ अपना कूच करेगा। यह सफर राजस्थान के मुरथल व पंजाब के खेतों से होते हुए जम्मू में स्थित हिमालय की चोटियों से होता हुआ दक्षिण से दिल्ली तक जाएगा। उत्तर प्रदेश व बिहार होते हुए कलयकुदां पश्चिम बंगाल में 15 मार्च 2016 को पहुंचकर समाप्त हो जाएगा।